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डोनाल्ड ट्रंप की ‘क्रेजी’ वाली कहानी का सच सामने आया

Iran US War: विवादास्पद बयान के बावजूद ट्रंप ने नेतन्याहू के साथ अपने संबंधों को मजबूत बताया। उन्होंने कहा कि हमने साथ मिलकर बहुत अच्छा काम किया है। मैं बीबी (बेंजामिन नेतन्याहू) को बहुत पसंद करता हूं और उनके साथ बहुत अच्छे से काम करता हूं।"

ट्रंप का बड़ा बयान: नेतन्याहू को क्यों कहा ‘क्रेजी’?

HIGHLIGHTS

  • ट्रंप का बड़ा खुलासा: नेतन्याहू को कहा ‘क्रेजी’!
  • नेतन्याहू पर ट्रंप का गुस्सा: क्या था कारण?
  • ट्रंप ने बोला- मैं ही तुम्हारी जान बचा रहा हूं
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्यों कहा नेतन्याहू ‘क्रेजी’?
  • ट्रंप ने बताया: क्यों थे गुस्से में और क्या कहा था?

Iran US War:हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ी खुलासा किया है, जिसने उनके पूर्व के बयान की विश्वसनीयता को चुनौती दी है। ट्रंप ने स्वीकार किया है कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को एक फोन कॉल के दौरान ‘क्रेजी’ यानी कि पागल कहा था। इस बात का खुलासा उन्होंने खुद ‘द न्यूयॉर्क पोस्ट’ के ‘पॉड फ़ोर्स वन’ इंटरव्यू में किया।

दरअसल, यह घटना 1-2 जून की है, जब ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत चल रही थी। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति गुस्से में थे, क्योंकि वह लेबनान में हिज़बुल्ला के साथ इजरायल की लड़ाई को लेकर परेशान थे। ट्रंप ने बताया कि वह उस समय थोड़े परेशान थे और उन्होंने अपने गुस्से का इजहार करते हुए कहा कि तुम्हारा दिमाग खराब हो चुका है। अगर मैं न होता, तो तुम अब तक जेल में होते। उन्होंने आगे कहा कि मैं तुम्हारी जान बचा रहा हूं। अब हर कोई तुमसे नफरत करता है, इसी वजह से इजरायल से भी नफरत करता है।

इस बयान में ट्रंप ने नेतन्याहू को ‘क्रेजी’ कहने का जिक्र भी किया। उन्होंने माना कि उस समय उनके तनाव का कारण ईरान के साथ चल रही वार्ता में आ रही बाधाएं थीं, जो कि मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता के लिए जरूरी थीं। ट्रंप ने यह भी कहा कि दोनों ही नेता ‘युद्धकालीन’ हैं और उनके संबंध अब भी मजबूत हैं।

गौरतलब है कि इस विवादास्पद बयान के बावजूद ट्रंप ने नेतन्याहू के साथ अपने संबंधों को मजबूत बताया। उन्होंने कहा कि हमने साथ मिलकर बहुत अच्छा काम किया है। मैं बीबी (बेंजामिन नेतन्याहू) को बहुत पसंद करता हूं और उनके साथ बहुत अच्छे से काम करता हूं।”

यह खुलासा तब हुआ जब ट्रंप ने यह स्वीकार किया कि उस फोन कॉल में वह नाराज थे और उन्होंने नेतन्याहू को कड़ी नसीहत दी थी। ट्रंप का यह बयान इस बात का संकेत है कि अमेरिका-इजरायल संबंधों में तनाव के बावजूद दोनों नेता व्यक्तिगत रूप से करीब हैं।

नेतन्याहू पर ट्रंप का आक्रामक रुख

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप का नेतन्याहू के प्रति रुख उखड़ चुका है। उनके बीच कई बार तीखे विवाद भी हुए हैं। गौरतलब है कि 1-2 जून को ही ट्रंप ने फोन पर नेतन्याहू को कहा था, “तुम्हारा दिमाग खराब हो चुका है, अगर मैं न होता, तो तुम अब तक जेल में होते। ये मैं हूं जो तुम्हारी जान बचा रहा हूं।” इस बयान से स्पष्ट होता है कि उस समय वे इजरायली पीएम के प्रति नाराज थे।

यह कहा जा रहा है कि ट्रंप की नाराजगी का कारण इजरायल का लेबनान पर हमला करने का फैसला हो सकता है। उस समय ईरान के साथ तनाव और चल रही युद्ध की स्थिति के बीच ट्रंप का यह रुख और तीखा हो गया था।

ईरान और मध्य पूर्व की स्थिति

ट्रंप ने अपने बयान में ईरान के साथ चल रही वार्ता का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई युद्ध खत्म करने की दिशा में काम कर रहे हैं। ट्रंप ने बताया कि खामेनेई को हवाई हमले में लगी चोटों के कारण उनकी हालत ठीक नहीं है, लेकिन वह शांति वार्ता में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि खामेनेई की स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद, वह मंजूरी दे रहे हैं, क्योंकि लंबे समय से ऐसा ही होता आया है।

सवाल यह उठता है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ट्रंप का रुख क्या है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने का प्रयास करता है, तो अमेरिका को कड़ी प्रतिक्रिया देनी होगी। साथ ही, उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और तेल एवं गैस की ढुलाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

होर्मुज स्ट्रेट और तनाव की संभावना

ट्रंप ने संकेत दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट को 7 सितंबर तक बंद रहने का खतरा है, जो कि लेबर डे की छुट्टी तक बंद रह सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वे इसे जल्द ही सुलझा लेंगे। इस स्ट्रेट का बंद होना वैश्विक तेल बाजार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है।

डोनाल्ड ट्रंप का यह खुलासा कि उन्होंने नेतन्याहू को ‘क्रेजी’ कहा था, न केवल उनके व्यक्तिगत संबंधों की जटिलता को उजागर करता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि वह वर्तमान में भी मध्य पूर्व की जटिल राजनीति और ईरान की भूमिका को लेकर चिंतित हैं। उनके बयान से साफ है कि अमेरिका की विदेश नीति फिलहाल तनावपूर्ण दौर से गुजर रही है, जहां नेतन्याहू जैसे नेता और ईरान जैसे देश के साथ संबंधों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

आखिरकार, ट्रंप ने यह भी कहा कि वे आशान्वित हैं कि जल्द ही ईरान-इजरायल और अमेरिका की समस्या का समाधान निकल आएगा। मगर, वर्तमान हालात और ट्रंप के बयान इस बात का संकेत देते हैं कि इस क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल अभी भी कायम है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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