Mumbai News : मुंबई से उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में इन दिनों एक संगठित गिरोह सक्रिय हो गया है, जो यात्रियों को बासी और खराब खाना बेचकर ठग रहा है। यह गिरोह खुद को रेलवे या आईआरसीटीसी से जुड़ा हुआ बताता है और यात्रियों के विश्वास का फायदा उठाता है। ठग, जो आमतौर पर गले में नीले रंग की पट्टी पहनते हैं (जो बिल्कुल आईआरसीटीसी कर्मचारियों जैसी होती है), अपने आपको रेलवे के कर्मचारी के रूप में पेश करते हैं और यात्रियों को झांसा देते हैं।
स्पेशल ट्रेनों को बना रहे निशाना
बता दें कि इस गिरोह का निशाना खासतौर पर वे स्पेशल ट्रेनें बन रही हैं जिनमें पैंट्री कार की सुविधा नहीं होती। शादी-विवाह, त्योहारों और छुट्टियों के समय जब ट्रेनें अधिक भीड़-भाड़ से गुजरती हैं, तब ये ठग घात लगाकर अपनी ठगी को अंजाम देते हैं।
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‘गर्म खाना’ के नाम पर बासी भोजन
बता दें कि यात्रियों से 140 रुपये में ‘गर्म खाना’ देने का दावा करने वाले इन ठगों ने कई बार बासी और बदबूदार खाना दिया, जिससे यात्रियों को गुस्से में आकर खाना फेंकने के सिवा कोई चारा नहीं मिला। बिहार के एक यात्री, प्रमोद मिश्रा ने बताया कि प्रयागराज स्टेशन पर कुछ संदिग्ध लोग ट्रेन में चढ़े और उन्होंने ‘गर्म खाना’ देने का झांसा दिया। लेकिन जब खाना मिला तो वह बासी था और उसे फेंकना पड़ा।
सतर्क रहने की जरूरत
बता दें कि इन ठगों का तरीका बेहद चालाक और सूझ-बूझ भरा होता है। वे ट्रेन के रुकते ही जल्दी से पैकेट थमाकर पैसे ले लेते हैं और तुरंत उतर जाते हैं, जिससे यात्रियों को कोई भी शिकायत करने का समय नहीं मिलता। यही कारण है कि यात्रियों को इस तरह की ठगी का शिकार होने से बचने के लिए अधिक सतर्क रहना जरूरी है। रेलवे द्वारा इस पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है ताकि यात्रियों को इस तरह के धोखाधड़ी से बचाया जा सके।



















