मेरठ का सनसनीखेज मामला, कमरे में 5 महीने तक छुपाई बेटी की मौत

बेटी की मौत छुपाकर उसी कमरे में रहा पिता

UP News: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो जाएंगे। यहां एक पिता ने अपनी बेटी की मौत की खबर पुलिस और परिवारजनों से छुपाते हुए उसकी लाश के साथ पांच महीने तक एक ही कमरे में गुजार दिए। मौत के बाद शव कंकाल में तब्दील हो चुका था, लेकिन पिता बेटी के साथ रहता रहा और सड़ांध छुपाने के लिए कमरे में खूब सारा परफ्यूम छिड़कता था।

ऐसे खुला राज

बता दें कि यह पूरा मामला मेरठ के सदर कोतवाली क्षेत्र के तेली मोहल्ले का है। मूल रूप से बंगाल के रहने वाले उदय भानु बिस्वास यहां रहते हैं। कई दिनों से उदय और उनकी 34 वर्षीय बेटी प्रियंका का कोई अता-पता नहीं था। शुक्रवार को प्रियंका के चचेरे भाई बिस्वजीत विश्वास ने उदय को फोन किया, लेकिन उसने फोन काट दिया। काफी देर बाद जब फोन उठाया और बिस्वजीत ने प्रियंका के बारे में पूछा, तो उदय ने झूठ बोला कि उसकी तबीयत खराब है और वह देहरादून के अस्पताल में भर्ती है।

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चाचा की बातों पर शक करते हुए बिस्वजीत ने तलाश शुरू की। किसी सूचना पर पता चला कि उदय भानु बेगमबाग के कॉर्नर पर बनी एक चाय की दुकान पर दिखा था। बिस्वजीत तुरंत अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ वहां पहुंचा और उदय को पकड़कर सीधा उसके घर ले आया। सख्ती करने पर उदय भानु टूट गया और बताया कि प्रियंका का शव घर के अंदर ही है।

घर के अंदर का हैरान कर देने वाला नजारा

रिश्तेदारों की सूचना पर पहुंची पुलिस को घर के अंदर का नजारा देखकर सन्न रह जाना पड़ा। कमरे में कूड़े का ढेर लगा था और बिस्तर पर प्रियंका का शव पड़ा था, जो महज कंकाल बचा था। पुलिस ने बताया कि प्रियंका की मौत करीब 5 महीने पहले ही हो चुकी थी। उदय भानु लोगों को गुमराह करते हुए कहता था कि वह और उसकी बेटी दोनों देहरादून में रहते हैं, जबकि वह लाश के साथ घर में ही बंद रहता था। घर से सड़ांध दूर करने के लिए उसने कई बोतलों के परफ्यूम का इस्तेमाल किया था, जो पुलिस ने मौके से बरामद किए हैं।

पिता ने बताई क्या वजह?

पुलिस पूछताछ में उदय भानु ने बताया कि प्रियंका को ‘काला पीलिया’ हो गया था। उसका इलाज कराने के बजाय उसने झाड़-फूंक कराई, लेकिन उसकी तबीयत नहीं सुधरी और उसकी मौत हो गई। उसने दावा किया कि बेटी की मौत के बाद वह दो महीने तक उसके साथ घर में रहा, इसके बाद वह देहरादून चला गया और कुछ समय पहले ही वापस लौटा था। उस वक्त तक प्रियंका का शव आधे से ज्यादा सड़ चुका था।

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2013 में मां ने लगाई थी फांसी

इस मामले की सबसे दर्दनाक परत तब सामने आई, जब पुलिस ने पिता-बेटी के अतीत से पर्दा उठाया। साल 2013 में उदय भानु बनारस में यूपी बोर्ड के ऑफिस में तैनात थे। वह घर नहीं आ पाते थे, जिसको लेकर उनकी पत्नी शर्मिष्ठा हमेशा नाराज रहती थी। एक दिन इसी तनाव के चलते शर्मिष्ठा ने मेरठ के घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मां की मौत के बाद प्रियंका गहरे सदमे में चली गई थी और वह बिल्कुल चुपचाप रहने लगी थी। प्रियंका कंप्यूटर का सब्जेक्ट पढ़ाती थी।

पुलिस ने शुरू की जांच

वहीं, दूसरी ओर पुलिस ने आरोपी पिता उदय भानु को हिरासत में ले लिया है और उसे सदर बाजार थाने भेज दिया गया है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है, क्योंकि बेटी की मौत के असल कारणों और पिता के मानसिक स्थिति का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और गहन पूछताछ के बाद ही हो पाएगा।

Rishi Tiwari

ऋषी तिवारी (Rishi Tiwari) वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली एनसीआर में एपीएनएस न्यूज ऐजेंसी लंबे समय तक सेवाएं देने के पश्चात सेवानिवृत्त हुए। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ अपनी नई पत्रकारिता पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षो से से जुड़े रहकर निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।

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