CB vs RR मैच IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के एक मैच के दौरान राजस्थान रॉयल्स (RR) की टीम एक बड़े विवाद में घिरती नजर आ रही है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ खेले जा रहे हैदराबाद मैच में RR के टीम मैनेजर रोमी भिंडर को डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए देखा गया। यह बीसीसीआई (BCCI) के एंटी-करप्शन नियमों का सीधा उल्लंघन है, जिसके बाद आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में यह पूरा मामला सामने आया है। घटना तब हुई जब राजस्थान रॉयल्स की पारी के 11वें ओवर की बारी थी। वीडियो में साफ दिख रहा है कि रोमी भिंडर राजस्थान के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के बिल्कुल बगल में बैठकर अपने मोबाइल फोन पर कुछ देख रहे हैं। हालांकि, अभी तक इस मामले पर राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
कैसे टूटा BCCI का नियम?
बीसीसीआई के एंटी-करप्शन नियमों के अनुसार, प्लेयर और मैच ऑफिशियल एरिया (PMOA) प्रोटोकॉल के तहत डगआउट में मोबाइल फोन रखना या इस्तेमाल करना पूरी तरह से वर्जित है। इस नियम को मैदान पर मौजूद टीम के सभी सदस्यों, सपोर्ट स्टाफ और मैनेजमेंट को सख्ती से पालन करना होता है। मैच के दौरान भिंडर द्वारा फोन का इस्तेमाल करना इस सुरक्षा प्रोटोकॉल की खुली अवहेलना माना जा रहा है।
ललित मोदी ने उठाए सवाल
इस विवाद पर सबसे पहले प्रतिक्रिया आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी की तरफ से आई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर दो कड़ी पोस्ट कर बीसीसीआई और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल को घेरा है। उन्होंने अपनी पहली पोस्ट में लिखा कि गआउट में मोबाइल फ़ोन रखना..पूरी तरह से मना है, क्या सच में ऐसा हुआ? मुझे उम्मीद है कि ऐसा नहीं हुआ होगा। अगर ऐसा हुआ है, तो आईपीएल गवर्निंग काउंसिल को तुरंत कार्रवाई करने की जरूरत है। इसके बाद दूसरी पोस्ट में मोदी ने एंटी-करप्शन यूनिट (ACSU) पर भी सवाल खड़े करते हुए पूछा कि यह पूरी तरह से मना है, एंटी-करप्शन यूनिट कहां थी?
आगे क्या होगा और क्या BCCI लेगा एक्शन?
ललित मोदी के मामले को उठाने के बाद अब गेंद बीसीसीआई के पाले में है। माना जा रहा है कि इस मामले की समीक्षा मैच रेफरी और आईपीएस (IPS) अधिकारियों से जुड़ी एंटी-करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) करेगी।
हालांकि, इस तरह के उल्लंघन के लिए किसी निश्चित दंड का सीधा तौर पर उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन क्रिकेट के नियमों में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मैच रेफरी काफी सख्त कदम उठा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, राजस्थान रॉयल्स के इस मैनेजर पर भारी जुर्माना (Heavy Fine) लगाया जा सकता है या फिर उन्हें टूर्नामेंट के बाकी मैचों की ‘मैच-डे ड्यूटी’ से निलंबित (Suspended) किया जा सकता है।



















