Delhi Dehradun Expressway Inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मंगलवार को दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेसवे) का औपचारिक उद्घाटन कर दिया। इस ऐतिहासिक परियोजना के खुलने से अब दिल्ली से देहरादून की यात्रा करने में मात्र 2.5 घंटे का समय लगेगा। करीब 13,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस एक्सप्रेसवे से उत्तराखंड में पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को जबरदस्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
देहरादून में आयोजित एक सार्वजनिक समारोह में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ प्रगति में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। आपको याद होगा कि बाबा केदार के दर्शन के बाद मेरे मुंह से अनायास निकला था कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। मुझे बहुत खुशी है कि डबल इंजन सरकार की नीतियां और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से ये युवा राज्य विकास के नए आयाम जोड़ रहा है।” इस दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मंच पर मौजूद रहे।
सहारनपुर में रोड शो और देहरादून में दर्शन
उद्घाटन समारोह से पहले पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से अपनी यात्रा का आगाज किया। सुबह करीब 11:15 बजे उन्होंने सहारनपुर में एक्सप्रेसवे के ऊंचे खंड (एलिवेटेड) पर बने वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एक भव्य रोड शो किया, जहां भारी जनसैलाब ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री सीधे देहरादून पहुंचे और यहां के प्रसिद्ध डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना की।
आधुनिक इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सहयोग से तैयार यह परियोजना आधुनिक इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना है। इस मेगा प्रोजेक्ट की सबसे खास बात एशिया का सबसे लंबा 12 किलोमीटर का एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जिससे जानवरों के आवागमन में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इसके अलावा एक्सप्रेसवे में 340 मीटर लंबी एक सुरंग भी बनाई गई है।
शहर में दिखा जबरदस्त उत्साह
प्रधानमंत्री के देहरादून आगमन को लेकर शहर में जबरदस्त उत्साह का माहौल था। शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर लगाए गए थे। लोगों का मानना है कि यह एक्सप्रेसवे उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित होगा।



















