Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को गुरदासपुर जिले के बटाला में एक जनसभा को संबोधित करते हुए नगर वासियों को 176.91 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। इस दौरान उन्होंने कई विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया। साथ ही, उन्होंने केंद्र के परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) का भी कड़ा विरोध करते हुए इसे राजनीतिक लाभ के लिए नहीं होने देने की बात कही।
करोड़ों की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने बटाला नगर निगम के अंतर्गत 95.72 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके अलावा, पंजाब मंडी बोर्ड के तहत 16.10 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का भी लोकार्पण किया गया। वहीं, लोक निर्माण विभाग (PWD) के अंतर्गत 65.09 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली सड़कों की आधारशिला भी उन्होंने रखी। मान ने स्पष्ट किया कि बटाला में पहले से ही विकास के काम चल रहे थे, आज कुछ परियोजनाओं का औपचारिक उद्घाटन किया गया है।
बटाला की जमीन से जुड़े सीएम मान
जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम भगवंत मान ने बटाला की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को याद किया। उन्होंने कहा, “बटाला सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि पवित्रता, इतिहास, श्रम, कलम, साहित्यकारों और पीर-पैगंबरों की नगरी है।”
बेअदबी के दोषियों को नहीं मिलेगी कोई छूट
इस दौरान मुख्यमंत्री ने धर्म के अपमान (बेअदबी) के मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि उनकी सरकार ने इसके खिलाफ सबसे सख्त कानून बनाया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “अब गुरु के अपमान के दोषी को आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा। इस कानून के बाद कोई भी धर्म के अपमान के बारे में सोच भी नहीं सकता।”
“हर किसान को मिल रही 24 घंटे बिजली”
अपने सरकार के चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने पंजाब के हर वर्ग को सम्मान दिया है। उन्होंने दावा किया कि आज पंजाब के हर किसान को हर समय बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा, “हम पंजाब को एक परिवार की तरह मानते हैं और सबके सहयोग से हम रंगला पंजाब बना रहे हैं।”

परिसीमन विधेयक पर सरकार का स्टैंड स्पष्ट
इस बीच, मुख्यमंत्री ने परिसीमन विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने साफ कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी तरह से निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “परिसीमन का इस्तेमाल किसी भी पार्टी को राजनीतिक लाभ दिलाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। अगर परिसीमन होना है, तो इसे केवल विकास और प्रशासनिक सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।”


















