PM Modi’s Virtual Meeting with CM: मिडिल ईस्ट (वेस्ट एशिया) में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलसंधि (Strait of Hormuz) के बंद होने के आसन्न खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक की है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत में तेल, गैस और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति (Supply Chain) सुनिश्चित करना और आम जनता को महंगाई की मार से बचाना है।
संकट के बीच ‘टीम इंडिया’ की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के दौरान राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने राज्यों में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिससे आम आदमी की जरूरत की चीजों पर कोई आंच न आए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपनी तरफ से हर संभव कदम उठा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर इन योजनाओं को सफल बनाने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों के कंधों पर है।
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि जब देश संकट में होता है, तो केंद्र और राज्यों को मिलकर एक परिवार की तरह लड़ना पड़ता है। उन्होंने कहा कि दुनिया में चाहे कितनी भी उथल-पुथल मचे, भारत में तेल, गैस और जरूरी सामानों की सप्लाई रुकनी नहीं चाहिए।
कोरोना महामारी से बना तुलनात्मक संदर्भ
प्रधानमंत्री ने वर्तमान स्थिति की तुलना ठीक 6 साल पहले आई कोविड-19 महामारी से की। उन्होंने याद दिलाया कि मार्च 2020 में जब पूरी दुनिया ठहर गई थी, तब ‘टीम इंडिया’ के स्पिरिट के साथ केंद्र और राज्यों ने मिलकर देश का मुकाबला किया था। चाहे वह 20 मार्च 2020 को शुरू हुआ लॉकडाउन हो या 2021 का वैक्सीनेशन अभियान, दोनों ही मौकों पर केंद्र और राज्यों ने राजनीति से ऊपर उठकर काम किया था।
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पीएम मोदी ने उल्लेख किया कि वैक्सीनेशन के दौरान केंद्र सरकार ने 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को मुफ्त वैक्सीन देकर राज्यों पर वित्तीय बोझ कम किया था। उन्होंने कहा कि आज मिडिल ईस्ट के संकट से निपटने के लिए उसी ‘भागीदारी के मॉडल’ की जरूरत है।
चुनावी राज्यों के CM रहे अनुपस्थित
इस अहम बैठक में पश्चिम बंगाल, असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री शामिल नहीं हो सके। इन पांचों राज्यों में विधानसभा चुनाव के कारण आचार संहिता लागू होने के चलते मुख्यमंत्रियों को इस चर्चा से दूर रहना पड़ा।
इन मुख्यमंत्रियों ने की बैठक में हिस्सेदारी
बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा देश के बड़े राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया। इसमें उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साय शामिल रहे। दक्षिण भारत से आंध्र प्रदेश के चंद्रबाबू नायडू और तेलंगाना के रेवंत रेड्डी ने अपनी बात रखी। वहीं, पंजाब के भगवंत मान, जम्मू-कश्मीर के उमर अब्दुल्ला, झारखंड के हेमंत सोरेन, गुजरात के भूपेंद्र पटेल और महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस ने भी अपने-अपने राज्यों की तैयारियों का विस्तृत ब्यौरा प्रधानमंत्री को दिया।



















