कॉकरोच जनता पार्टी चींटी जनता पार्टी
---Advertisement---

अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर ओखला पक्षी अभयारण्य में “प्रकृति की सैर” का आयोजन

Noida News: वन विभाग, गौतम बुद्ध नगर के विशेषज्ञों और मार्गदर्शकों ने प्रतिभागियों को अभयारण्य की विभिन्न पक्षी प्रजातियों, उनके प्रवास के समय और वहां पाए जाने वाले वनस्पतियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। छात्रों ने सीधे तौर पर देखा कि कैसे प्राकृतिक संसाधन एक-दूसरे पर निर्भर करते हैं और पर्यावरण संतुलन बिगड़ने से पक्षियों की दुनिया कैसे प्रभावित होती है।

प्रकृति संरक्षण का संदेश लेकर युवाओं ने किया ओखला बर्ड सेंचुरी का भ्रमण

HIGHLIGHTS

  • ओखला पक्षी अभयारण्य बना पर्यावरण शिक्षा का जीवंत केंद्र
  • “प्रकृति की सैर” में युवाओं ने सीखे पर्यावरण संरक्षण के गुर
  • जैव विविधता दिवस पर युवाओं ने लिया हरित भविष्य का संकल्प
  • प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने की प्रेरणादायक पहल
  • पर्यावरण संरक्षण की दिशा में वाईएसएस फाउंडेशन का सराहनीय कदम

Noida News: बिगड़ते जलवायु परिवर्तन और घटती जैव विविधता के इस दौर में प्रकृति के साथ तालमेल बिठाना और उसे सुरक्षित रखना मानव जीवन के लिए न केवल आवश्यक है, बल्कि यह हमारे अस्तित्व का प्रश्न भी है। इसी संदेश को लेकर अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस (International Biodiversity Day) के अवसर पर नोएडा स्थित ओखला पक्षी अभयारण्य (Okhla Bird Sanctuary) में एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल की गई। वाईएसएस (YSS) फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित **“प्रकृति की सैर”** कार्यक्रम ने न केवल प्रकृति प्रेमियों को एक मंच दिया, बल्कि युवाओं को पर्यावरण संरक्षण का एक ठोस संकल्प भी दिलाया।

प्रकृति की गोद में एक अद्भुत अनुभव

शहरी जीवन की भागदौड़ में कहीं खो चुके लोगों के लिए यह कार्यक्रम एक संजीवनी बूटी की तरह था। इस भ्रमण में 40 से अधिक छात्र, युवा और पर्यावरण प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ओखला बर्ड अभयारण्य, जो कि अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है, आज इन युवाओं के लिए कक्षा बन गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल भ्रमण करना नहीं था, बल्कि प्रतिभागियों को पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) की बारीकियों से रूबरू कराना था।

वन विभाग, गौतम बुद्ध नगर के विशेषज्ञों और मार्गदर्शकों ने प्रतिभागियों को अभयारण्य की विभिन्न पक्षी प्रजातियों, उनके प्रवास के समय और वहां पाए जाने वाले वनस्पतियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। छात्रों ने सीधे तौर पर देखा कि कैसे प्राकृतिक संसाधन एक-दूसरे पर निर्भर करते हैं और पर्यावरण संतुलन बिगड़ने से पक्षियों की दुनिया कैसे प्रभावित होती है। यह ज्ञान पुस्तकों में पढ़ने से कहीं अधिक प्रभावशाली था, जिससे युवाओं में पर्यावरण के प्रति एक नया दृष्टिकोण और सम्मान विकसित हुआ।

शिक्षा और जागरूकता का अनूठा संगम

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में गलगोटियास एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के ‘पर्यावरण कानून एवं स्थिरता अनुसंधान केंद्र’ (Centre for Environmental Law and Sustainability Research) की भूमिका महत्वपूर्ण रही। शिक्षा और व्यावहारिक जीवन के बीच यह सहयोग यह दर्शाता है कि पर्यावरण सुरक्षा केवल एक विषय नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका है। प्रतिभागियों ने प्रकृति भ्रमण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को व्यवहारिक रूप से समझा।

इस दौरान, युवाओं ने एक स्वच्छ और हरित भविष्य के निर्माण हेतु अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। उन्होंने महसूस किया कि पेड़-पौधे और पशु-पक्षी केवल प्रकृति का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि मानव सभ्यता के विकास के लिए भी अनिवार्य हैं। इस भ्रमण ने उन्हें प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति तत्पर बनाया।

वाईएसएस फाउंडेशन का दृष्टिकोण

वाईएसएस फाउंडेशन के अध्यक्ष सचिन गुप्ता ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रकाश डालते हुए गहरे विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, “वर्तमान समय में युवाओं को प्रकृति एवं पर्यावरण से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। डिजिटल दुनिया में हमारी नई पीढ़ी प्रकृति से कटती जा रही है, जो चिंताजनक है।”

सचिन गुप्ता ने आगे कहा, “जैव विविधता संरक्षण केवल पर्यावरण सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन एवं आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से भी जुड़ा हुआ विषय है। अगर हम आज जैव विविधता को खो दें, तो कल हमारा अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।” उनके ये शब्द सभी प्रतिभागियों के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत बने और उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया कि वे अपने दैनिक जीवन में क्या बदलाव ला सकते हैं।

विशेषज्ञों के विचार और पर्यावरण का मंत्र

कार्यक्रम में उपस्थित विशेष अतिथियों ने भी युवाओं को मंत्र दिए। ‘गिव मी ट्रीज़ ट्रस्ट’ (Give Me Trees Trust) से इश्तियाक अहमद और ‘सेफ ट्रस्ट’ (SAFE Trust) से विक्रांत तोंगर ने अपने अनुभव साझा किए।इश्तियाक अहमद ने पेड़ों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पेड़ हमारे लिए केवल ऑक्सीजन नहीं, बल्कि जीवन का आधार हैं। वहीं, विक्रांत तोंगर ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, “हमें अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना होगा। ‘जल बचाओ’, ‘प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाओ’ और ‘प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करो’ जैसे संदेश केवल नारे नहीं होने चाहिए, बल्कि इन्हें अपनी आदत में शामिल करना होगा।” उन्होंने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और अपने आस-पास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।

निरंतर प्रयासों की परंपरा

वाईएसएस फाउंडेशन की यह पहल कोई एकदम से शुरू की गई कोशिश नहीं है। पिछले कई वर्षों से यह संस्था समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे अभियानों जैसे “जल है तो कल है” और “स्वच्छ यमुना मिशन” ने जन-जागरूकता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह “प्रकृति की सैर” भी उन्हीं अभियानों की कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य लोगों को व्यावहारिक स्तर पर जोड़ना है।

एक स्वच्छ और हरित भविष्य की ओर

ओखला पक्षी अभयारण्य में आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ एक भ्रमण नहीं था, बल्कि यह एक जागरूकता अभियान था जिसने युवाओं को प्रकृति के प्रति प्रेम और समर्पण सिखाया। वन विभाग के मार्गदर्शन और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से यह कार्यक्रम एक मिसाल बन गया कि कैसे सामुदायिक भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण को गति दी जा सकती है। अंत में, यह कार्यक्रम यह संदेश देकर समाप्त हुआ कि प्रकृति हमें कुछ नहीं मांगती, सिवाय थोड़े से प्यार और संरक्षण के। युवाओं द्वारा लिया गया यह संकल्प निश्चित रूप से एक स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित भविष्य के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now