नोएडा मेट्रो में जल्द शुरू होगा वन नेशन कार्ड सिस्टम

'वन नेशन-वन कार्ड' एक इंटरऑपरेबल ट्रांसपोर्ट कार्ड सुविधा है। इसका सीधा मतलब है कि आपके पास एक ही कार्ड होगा, जिसका इस्तेमाल आप नोएडा मेट्रो, दिल्ली मेट्रो, लोकल बसों, पार्किंग और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भुगतान के लिए कर सकते हैं।

नोएडा मेट्रो: अब एक कार्ड से चलेगी पूरी सवारी

HIGHLIGHTS

  • जेवर एयरपोर्ट से पहले नोएडा मेट्रो का बड़ा बदलाव
  • टोकन छोड़ें, नोएडा मेट्रो अब एक कार्ड से चलेगा
  • 200 गेट बदलेंगे, नोएडा मेट्रो लाएगा नया टिकटिंग सिस्टम
  • 23 करोड़ से बदलेगा नोएडा मेट्रो, मिलेगी यह शानदार सुविधा
  • नोएडा मेट्रो यात्रियों के लिए बड़ी खबर, आ रहा बदलाव

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच रोजाना मेट्रो से यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) ने एक्वा लाइन पर ‘वन नेशन-वन कार्ड’ को लागू करने की पूरी तैयारी शुरू कर दी है। यह कदम न सिर्फ यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएगा, बल्कि दिल्ली-एनसीआर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को एक नई दिशा देगा। आइए विस्तार से समझते हैं कि इस नए सिस्टम में क्या खास है और यह आम यात्रियों के लिए कैसे फायदेमंद साबित होगा।

क्या है ‘वन नेशन-वन कार्ड’ (NCMC) प्रणाली?

दरअसल, ‘वन नेशन-वन कार्ड’ एक इंटरऑपरेबल ट्रांसपोर्ट कार्ड सुविधा है। इसका सीधा मतलब है कि आपके पास एक ही कार्ड होगा, जिसका इस्तेमाल आप नोएडा मेट्रो, दिल्ली मेट्रो, लोकल बसों, पार्किंग और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भुगतान के लिए कर सकते हैं। यह कार्ड रूपे (RuPay) आधारित होता है और इसमें ‘टैप एंड गो’ तकनीक का इस्तेमाल होता है, जिससे गेट पार करने में महज कुछ सेकंड लगते हैं।

एनएमआरसी की एक्वा लाइन पर कुल 21 मेट्रो स्टेशन हैं। इन सभी स्टेशनों पर लगे करीब 200 ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (AFC) गेट्स को पूरी तरह से अपग्रेड किया जाएगा। आपको बता दें कि एक्वा लाइन की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी और तब लगाए गए यही AFC गेट अभी भी काम में लिए जा रहे हैं।

हालांकि, बीच में इन्हें मोबाइल ऐप या QR कोड आधारित टिकटिंग के लिए अपडेट तो किया गया, लेकिन समय के साथ इन गेट्स में तकनीकी खराबियां आम हो गईं। कई बार स्कैनर ठीक से काम नहीं करता या गेट अटक जाता है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है। अब इन्हें NCMC स्टैंडर्ड के अनुसार बदला जाएगा, ताकि टिकटिंग प्रक्रिया बिल्कुल निर्बाध और तेज हो सके।

बजट और टेंडर प्रक्रिया का हाल

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अमल में लाने के लिए एनएमआरसी ने लगभग 23 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। कार्य शुरू करने के लिए आधिकारिक तौर पर टेंडर जारी किया जा चुका है। जो भी कंपनियां इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के इच्छुक हैं, वे 30 जुलाई तक अपने प्रस्ताव (बोलियां) जमा कर सकती हैं।

एनएमआरसी के कार्यकारी निदेशक क्रांति शेखर सिंह के अनुसार, जिस कंपनी को यह ठेका मिलेगा, उसकी जिम्मेदारी सिर्फ मशीनों को लगाने तक सीमित नहीं होगी। बल्कि, अगले 4 वर्षों तक उस एजेंसी को ही इन सभी AFC गेट्स के संचालन, रखरखाव और तकनीकी निगरानी की पूरी जिम्मेदारी निभानी होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अगले कुछ सालों तक यात्रियों को किसी भी तरह की तकनीकी दिक्कत का सामना न करना पड़े।

जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी से क्या है कनेक्शन?

इस अपग्रेडेशन की सबसे बड़ी वजहों में से एक है आने वाला ‘नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ (जेवर एयरपोर्ट)। जेवर में बन रहा यह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बहुत जल्द संचालन शुरू करने वाला है। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद एक्वा लाइन पर यात्री भार का काफी बढ़ना का अनुमान है।

ऐसे में पुराने और धीमे सिस्टम से भीड़ को संभालना मुश्किल हो सकता था। NCMC कार्ड सिस्टम को लागू करके एनएमआरसी यह सुनिश्चित कर रहा है कि जब देश-विदेश से आने वाले यात्री मेट्रो का इस्तेमाल करें, तो उन्हें एक बेहद आधुनिक, तेज और भरोसेमंद ट्रांसपोर्ट नेटवर्क दिखे। यह एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को और भी मजबूत बनाएगा।

आम यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?

  • समय की बचत: ‘टैप एंड गो’ तकनीक से मेट्रो गेट पर लंबी कतारें खत्म होंगी। आप कार्ड टच करते ही अंदर चले जाएंगे।
  • एक कार्ड, कई सवारियां: अलग-अलग शहरों या अलग-अलग ट्रांसपोर्ट (जैसे बस, मेट्रो, पार्किंग) के लिए अलग-अलग टोकन या कार्ड रखने की जरूरत नहीं रहेगी।
  • तकनीकी फॉल्ट से छुटकारा: पुराने AFC गेट्स की खामियों को दूर किया जाएगा, जिससे सुबह-शाम के ऑफिस टाइम में गेट पर जाम लगने की समस्या नहीं आएगी।
  • डिजिटल इंटीग्रेशन: यह कार्ड आपके बैंक अकाउंट से भी लिंक हो सकता है, जिससे बार-बार रिचार्ज करवाने की झंझट खत्म हो जाएगी।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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