Noida International Airport News: नोएडा गौतमबुद्ध नगर (जेवर) में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर पूरे एनसीआर (NCR) और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक नया उत्साह देखने को मिल रहा है। एयरपोर्ट की चुनौतियों और संभावनाओं को देखते हुए, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने अब अपनी कमर कस ली है। प्राधिकरण ने एयरपोर्ट के तत्काल आसपास के इलाके को एक विश्वस्तरीय औद्योगिक और व्यावसायिक हब में तब्दील करने के लिए बड़ा कदम उठाया है।
यीडा ने एयरपोर्ट एरिया के सटले 7 सेक्टरों में किसानों से सीधे जमीन खरीदने की पूरी कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कोई सामान्य भूमि अधिग्रहण नहीं है, बल्कि यह एक बेहद सटीक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत बिना किसी बिचौलिए के किसानों से सीधे सौदा किया जाएगा। यीडा की 91वीं बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी जा चुकी थी, और अब इसे जमीन पर उतारने का काम शुरू हो गया है।
सात सेक्टरों में कैसा होगा बुनियादी ढांचा?
एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू होने के बाद जो यात्री और निवेशकों का हुजूम उमड़ने वाला है, उसको देखते हुए यीडा अधिकारियों ने इन 7 सेक्टरों को लेकर एक मास्टर प्लान तैयार किया है। इन सेक्टरों में न सिर्फ सड़कें बनेंगी, बल्कि पावर, लॉजिस्टिक्स और रिक्रिएशन की पूरी व्यवस्था की जाएगी:
- सेक्टर-7 (पावर हब): औद्योगिक और घरेलू बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए यहां 765 केवी (KV) क्षमता का एक विशाल बिजलीघर (पावर सब-स्टेशन) का निर्माण किया जाएगा। यह एयरपोर्ट और आसपास के उद्योगों को अन-interrupted पावर सप्लाई सुनिश्चित करेगा।
- सेक्टर-8D (कनेक्टिविटी): कार्गो और यात्री आवाजाही को सुगम बनाने के लिए इस सेक्टर तक एक नई और चौड़ी सड़क का निर्माण किया जाएगा, जो सीधे एयरपोर्ट के टर्मिनल से जुड़ेगी।
- सेक्टर-8A, 8B और 8C (औद्योगिक और लॉजिस्टिक ज़ोन): इन तीनों सेक्टरों को पूरी तरह से औद्योगिक गतिविधियों के लिए रिजर्व रखा गया है। यहां बड़े लॉजिस्टिक पार्क्स, आधुनिक वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और एविएशन (विमानन) से जुड़ी विभिन्न इकाइयां स्थापित होंगी।
- सेक्टर-23C (ट्रांसपोर्ट और रिक्रिएशन हब): यह सेक्टर बहुउद्देशीय होगा। यहां एक बड़ा ट्रांसपोर्ट हब (बस और कैब टर्मिनस) बनेगा। इसके अलावा पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए रिक्रिएशन ग्रीन एरिया (मनोरंजन क्षेत्र) और जमीन देने वाले किसानों के लिए एक आधुनिक पुनर्वास (R&R) सेंटर विकसित किया जाएगा।
- सेक्टर-31B (मिक्स लैंड यूज़): इस क्षेत्र को मल्टीपल लैंड यूज़ (Mixed Land Use) के तहत विकसित किया जाएगा। यहां व्यावसायिक, आवासीय और रिटेल स्पेस का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलेगा।
अगले 100 सालों के लिए खाका तैयार
यीडा की नजर सिर्फ आज के विकास पर नहीं, बल्कि आने वाली एक सदी पर है। प्राधिकरण ने ‘मास्टर प्लान-2041’ के तहत विकसित किए जा रहे 46 नए सेक्टरों के लिए एक विस्तृत ‘सर्विस मास्टर प्लान’ तैयार कराने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके लिए एक एक्सपर्ट कंसल्टेंट कंपनी का चयन कर लिया गया है।
यदि आंकड़ों पर नजर डालें, तो पुराने ‘मास्टर प्लान-2031’ में यीडा क्षेत्र में कुल 52 सेक्टर प्रस्तावित थे। लेकिन एयरपोर्ट के ऐलान और तेजी से बढ़ती मांग को देखते हुए, अब ‘मास्टर प्लान-2041’ में इस संख्या को बढ़ाकर 98 कर दिया गया है। इनमें शामिल 46 नए सेक्टरों में भूमि आवंटन की प्रक्रिया लगातार जारी है।
इस सर्विस मास्टर प्लान की खासियत यह है कि इसमें सीवरेज, जल निकासी (ड्रेनेज), पेयजल आपूर्ति और बिजली वितरण जैसी आधारभूत सुविधाओं को इस तरह से प्लान किया जा रहा है कि अगले 100 वर्षों तक आबादी और उद्योगों के बढ़ते दबाव को आसानी से झेला जा सके। बिजली आपूर्ति के लिए एक अलग और अत्याधुनिक ग्रिड योजना भी इसी प्लान का हिस्सा है।
क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?
इस पूरे विकास प्रोजेक्ट को लेकर यीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अरुण कुमार सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट सिर्फ उड़ानों की जगह नहीं रहेगा, बल्कि यह एक विशाल आर्थिक इंजन बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के इलाके में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और दुनिया स्तरीय सड़क संपर्क उपलब्ध कराना प्राधिकरण की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
सीधी जमीन खरीद की प्रक्रिया से न सिर्फ प्रोजेक्ट्स की रफ्तार तेज होगी, बल्कि इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के निवेशकों का भरोसा भी जीता जा सकेगा। लॉजिस्टिक पार्क और इंडस्ट्रियल जोन बनने से स्थानीय लोगों को लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे।

























