संदिप कुमार गर्ग
नई दिल्ली। दिल्ली के मोहन गार्डन इलाके में सीवर जाम और सफाई व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। इलाके के कई हिस्सों में सीवर लाइन ब्लॉक होने के कारण सड़कों पर गंदा पानी जमा हो रहा है। वहीं, लोगों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद समस्या का समय पर समाधान नहीं किया जाता। कई बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई में लंबा समय लग जाता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक मोहन गार्डन बुध बाजार, पशुराम चौक, गुरुद्वारा रोड समेत आसपास के कई इलाकों में सीवर ब्लॉक की समस्या बनी हुई है। सीवर का गंदा पानी सड़क पर फैलने से राहगीरों और स्थानीय निवासियों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे इलाके की स्वच्छता व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
शिकायतें दर्ज, लेकिन समाधान में लग जाता है लंबा समय
स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहन गार्डन कार्यालय में सीवर संबंधी शिकायतें तो दर्ज कर ली जाती हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई करने में काफी समय लग जाता है। कई शिकायतों के समाधान में एक महीने या उससे अधिक समय लगने का आरोप लगाया जा रहा है।
लोगों का कहना है कि सीवर जाम जैसी समस्या में तत्काल कार्रवाई की जरूरत होती है, क्योंकि गंदा पानी सड़क पर जमा होने से रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित होती है। इसके बावजूद शिकायत के बाद भी समस्या लंबे समय तक बनी रहने से लोगों में नाराजगी है।
कार्यालय में अधिकारियों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, समस्या को लेकर जानकारी लेने के लिए जब वे संबंधित कार्यालय पहुंचते हैं तो कई बार जिम्मेदार अधिकारी उपलब्ध नहीं मिलते। लोगों का आरोप है कि कार्यालय में अधिकारियों की सीट अक्सर खाली दिखाई देती है और शिकायतों की स्थिति के बारे में भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाती।
स्थानीय लोगों की मांग है कि सीवर और सफाई से जुड़ी शिकायतों पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई हो और शिकायतकर्ता को उसकी शिकायत की स्थिति की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।
सीवर जाम से सड़क पर भर रहा गंदा पानी
मोहन गार्डन के अलग-अलग इलाकों में सीवर लाइन ब्लॉक होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर जमा होने की शिकायत सामने आ रही है। इससे स्थानीय लोगों को पैदल चलने से लेकर वाहन निकालने तक में परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि मोहन गार्डन के कई हिस्सों में समय-समय पर सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की स्थिति सामने आती रहती है। लोगों का कहना है कि स्थायी समाधान के बजाय शिकायत के बाद अस्थायी कार्रवाई किए जाने से समस्या दोबारा सामने आ जाती है।
सफाई व्यवस्था को लेकर भी उठ रहे सवाल
सीवर की समस्या के साथ-साथ इलाके में कूड़ा उठाने की व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय लोगों की शिकायतें हैं। लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नियमित रूप से नहीं पहुंच रही, जिसके कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
एक तरफ सीवर का गंदा पानी सड़कों पर जमा होने की समस्या है और दूसरी तरफ कूड़ा उठाने की व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में स्थानीय लोग संबंधित विभाग से सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग कर रहे हैं।
अधिकारी और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर आरोप
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि शिकायत या समस्या के बारे में जानकारी लेने पर कई बार संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। कुछ लोगों का यह भी आरोप है कि काम कराने के लिए दबाव बनाने पर शिकायत करने की बात कही जाती है और काम रोकने जैसी स्थिति पैदा हो जाती है।
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का पक्ष सामने आना बाकी है। संबंधित विभाग का पक्ष मिलने पर खबर में उसे भी शामिल किया जा सकता है।
लोगों की मांग- शिकायतों का हो समयबद्ध समाधान
मोहन गार्डन के स्थानीय लोगों की मांग है कि सीवर ब्लॉक, जलभराव और कूड़ा उठाने जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए। लोगों का कहना है कि शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी निगरानी की व्यवस्था होनी चाहिए और संबंधित अधिकारी को तय समय सीमा के भीतर समस्या का समाधान करना चाहिए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सीवर लाइन की नियमित सफाई और निगरानी हो तो बार-बार होने वाले सीवर जाम और सड़क पर गंदे पानी के फैलाव की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

























