UP News: मथुरा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विवादास्पद ‘फरसा वाले बाबा’ का अंतिम संस्कार संपन्न हो गया है। प्रशासन ने बरसाना और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर काबू पा लिया है। इस घटना के पीछे एक बड़ा खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने ईद के मौके पर सांप्रदायिक तनाव फैलाने की एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है।
साजिश का खुलासा: हादसे को बताया गया था हत्या
पुलिस और खुफिया सूत्रों के अनुसार, फरसा बाबा की मौत एक साधारण सड़क हादसे में हुई थी, लेकिन कुछ अराजक तत्वों ने इसे सुनियोजित तरीके से ‘हत्या’ बताकर अफवाह फैलाने की कोशिश की। सोशल मीडिया के जरिए इस मौत को गो तस्करों से जोड़कर सांप्रदायिक रंग दिया गया। पिछले एक हफ्ते से भ्रामक संदेशों के जरिए माहौल खराब करने और ईद के दिन दंगे की स्थिति पैदा करने की साजिश रची जा रही थी।
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प्रशासन की कार्रवाई और जांच
पुलिस ने उन सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की है, जो इस अफवाह फैलाने में सक्रिय थे और उनके नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने स्पष्ट किया कि हरियाणा बॉर्डर के पास हुआ यह हादसा कोहरे और सड़क पर खड़े कंटेनर के कारण हुआ, जिसमें ट्रक चालक की भी मौत हो गई थी। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
बरसाना में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
अंतिम संस्कार के दौरान बरसाना स्थित गांव को पूरी तरह सील कर दिया गया था। हालात को देखते हुए बैरिकेडिंग की गई ताकि कोई भी अवांछनीय घटना न हो। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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अविमुक्तेश्वरानंद की प्रतिक्रिया और चश्मदीद गवाह
इस बीच, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सरकार को गोरक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। वहीं, चश्मदीद हरिओम ने संदेह जताते हुए दावा किया कि ट्रक ने अचानक टक्कर मारी, लेकिन प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह पूरा नैरेटिव तनाव फैलाने के लिए बनाया गया था। प्रशासन ने गोवंश की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेते हुए जनता से संयम बरतने की अपील की है।




















