रील बनाना पड़ा भारी, एक की गई जान, दो हवा में रेस्क्यू

UP News: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने राज्य सरकार से तत्काल मदद मांगी। इसके बाद भारतीय वायुसेना (IAF) के गोरखपुर स्थित सेंट्रल एयर कमांड से एक Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर को रेस्क्यू मिशन के लिए रवाना किया गया।

सोशल मीडिया क्रेज बना जानलेवा, टंकी हादसे में एक की मौत

HIGHLIGHTS

  • सिद्धार्थनगर शर्मनाक: 'रील' के लिए चढ़ी टंकी,
  • सीढ़ी टूटने से बच्चे की मौत, दो बच्चों की 16 घंटे की बेचैनी
  • 16 घंटे की दहशत और एक बेटे की मौत
  • फंसे बच्चों को बचाने उतरा IAF का Mi-17 हेलीकॉप्टर
  • सोशल मीडिया की दीवानगी बनी जानलेवा

UP News: सोशल मीडिया पर रील (वीडियो) बनाने के चक्कर में मजबूरी में मौत की सैर करनी पड़ी। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में पानी की टंकी पर चढ़े पांच बच्चों के साथ एक दर्दनाक हादसा हो गया। सीढ़ी टूटने से एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो बच्चे करीब 16 घंटे तक ऊंची टंकी पर बेसहारा फंसे रहे। आखिरकार भारतीय वायुसेना (IAF) के हेलीकॉप्टर ने एक बहादुरी भरा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों की जान बचाई।

रील बनाने उतरे थे 5 बच्चे, एक की मौत

यह पूरा मामला कांशीराम आवासीय कॉलोनी का है। शनिवार को पांच बच्चे—सिद्धार्थ, शनि, गोलू, पवन और कल्लू—रील बनाने के लिए इलाके में बनी एक ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गए। इसी दौरान अचानक टंकी की सीढ़ी टूट गई। हादसे में सिद्धार्थ, शनि और गोलू तीनों बच्चे नीचे गिर गए, जबकि पवन और कल्लू टंकी के ऊपर ही फंस गए।

नीचे गिरने से सिद्धार्थ को इतनी गंभीर चोटें आईं कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, घायल शनि और गोलू को तुरंत माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है।

रात के अंधेरे में फंसे बच्चे और NDRF की मुश्किलें

टंकी की सीढ़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण पवन और कल्लू के लिए नीचे उतरना नामुमकिन हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और रात में ही NDRF की टीम को गोरखपुर से मौके पर बुलाया गया। हालांकि, टंकी तक पहुंचने के लिए कोई सड़क मार्ग नहीं होने के कारण NDRF अपनी लिफ्ट (Sky-lift) का इस्तेमाल नहीं कर पाई।

प्रशासन ने रात करीब 3 बजे तक जेसीबी मशीनों की मदद से वैकल्पिक मार्ग बनाने की कोशिश की, लेकिन अचानक शुरू हुई बारिश ने सारी योजनाओं पर पानी फेर दिया और बचाव कार्य रुक गया।

IAF का बहादुरी भरा ऑपरेशन, 15 मिनट में रेस्क्यू

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने राज्य सरकार से तत्काल मदद मांगी। इसके बाद भारतीय वायुसेना (IAF) के गोरखपुर स्थित सेंट्रल एयर कमांड से एक Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर को रेस्क्यू मिशन के लिए रवाना किया गया।

रविवार सुबह करीब 5:20 बजे हेलीकॉप्टर मौके पर पहुंचा। वायुसेना के गरुड़ कमांडो और जवानों ने बेहद मुश्किल परिस्थितियों में हवा में रस्से के जरिए ऑपरेशन शुरू किया। मात्र 15 मिनट के भीतर, वायुसेना के जवानों ने 16 घंटे से भूखे-प्यासे और डरे हुए दोनों बच्चों को सुरक्षित हेलीकॉप्टर में बैठाया।

मेडिकल चेकअप के बाद बच्चे सुरक्षित

रेस्क्यू के बाद दोनों बच्चों को उसी हेलीकॉप्टर से सीधे गोरखपुर ले जाया गया, जहां एयरफोर्स हॉस्पिटल में उनका पूरे मेडिकल चेकअप किया गया। डॉक्टरों ने दोनों को पूरी तरह स्वस्थ बताया है। पूरे 16 घंटे के इस ड्रामे में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर डटी रहीं।

वहीं, इस घटना के बाद से इलाके में शोक का माहौल है और लोगों का गुस्सा नगर निगम और जिम्मेदार एजेंसियों पर भी टूट रहा है, क्योंकि आवासीय कॉलोनी में बनी इतनी ऊंची टंकी की सीढ़ी सड़ी हुई थी और उसकी मरम्मत नहीं की गई थी।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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