UP News: कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने ऑनलाइन आईपीएल (IPL) सट्टेबाजी में लिप्त एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस ऑपरेशन में रिकॉर्ड ₹3 करोड़ 91 लाख 50 हजार नकदी बरामद कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, गिरोह का मुख्य सरगना महाराष्ट्र से संचालित कर रहा था और वह अभी भी फरार है।
मुखबिर की सूचना पर कार से दो गिरफ्तार
पुलिस को संत नगर चौराहे पर वाहन चेकिंग के दौरान मुखबिर से सुराग मिला कि गोविंद नगर पुल के नीचे एक सफेद सोनेट कार में बैठे दो युवक मोबाइल ऐप के जरिए IPL मैचों पर लाखों का सट्टा खा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर दबिश दी। मौके से कार्तिक लखवानी और राजकुमार नामक दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
मोबाइल डेटा से खुला नेटवर्क का राज
गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन की गहनता से जांच की गई, जिसमें सट्टेबाजी से जुड़े खास ऐप, वेबसाइट्स, व्हाट्सएप ग्रुप चैट और लेन-देन के विस्तृत रिकॉर्ड मिले। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि उनके अन्य साथी किदवई नगर स्थित एक किराए के मकान से इस रैकेट को संचालित कर रहे हैं।
किदवई नगर में दबिश, तीन गुजराती युवक गिरफ्तार
तकनीकी और मानवीय सुराग के आधार पर पुलिस टीम ने किदवई नगर स्थित उस मकान पर छापा मारा। वहां तीन अन्य आरोपी—कल्पेश, रवि नाई और विष्णु (तीनों गुजरात निवासी)—कई मोबाइल फोन के जरिए सट्टा ऑपरेशन चलाते पकड़े गए। पुलिस को देखते ही आरोपी साक्ष्यों को छिपाने में जुट गए, लेकिन पुलिस की तत्परता ने उन्हें नाकाम कर दिया।
भारी मात्रा में नकदी और उपकरण बरामद
दोनों जगहों से पुलिस ने सट्टेबाजी में इस्तेमाल होने वाले कई मोबाइल फोन और अन्य उपकरणों के साथ-साथ भारी मात्रा में नकदी बरामद की। गिनती कराने पर कुल ₹3,91,50,000 (तीन करोड़ इक्यानवे लाख पचास हजार रुपये) नकद बरामद हुआ। इतनी भारी रकम के मिलने से साफ है कि गिरोह काफी समय से सुनियोजित तरीके से इस अवैध धंधे को चला रहा था।
सरगना फरार, महाराष्ट्र से चल रहा था ‘Bet Hub 24’
पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना ‘मनीष’ उर्फ ‘प्रोफेसर’ है, जो फिलहाल फरार है। मनीष महाराष्ट्र से बैठकर “Bet Hub 24” नामक एक मोबाइल ऐप के जरिए पूरे गिरोह को अंगुली की छाप दिखाकर ऑपरेट कर रहा था।
गिरोह का मॉडस ऑपरेंडी (कार्यप्रणाली) काफी चालाकी से तैयार किया गया था जिसमें ऑनलाइन ट्रांसफर एक लाख रुपये तक की छोटी रकम का लेन-देन ऑनलाइन माध्यमों से किया जाता था। नकद लेनदेन एक लाख से अधिक की बड़ी रकम का लेन-देन पूरी तरह से नकद में किया जाता था, ताकि डिजिटल फुटप्रिंट्स न बचें।सैलरी इस अवैध काम को अंजाम देने वाले युवकों को महज 13 से 20 हजार रुपये मासिक वेतन पर रखा गया था।
आयकर विभाग की जांच शुरू, पुलिस टीम को ₹50,000 इनाम
इतनी बड़ी अवैध नकदी बरामद होने के बाद कानपुर पुलिस ने आयकर विभाग को आधिकारिक पत्र लिखकर इस पूरे वित्तीय रैकेट की जांच करने को कहा है। बरामद की गई पूरी रकम को आयकर विभाग को सौंप दिया जाएगा। वहीं, इस बेहतरीन कार्रवाई को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने इस गिरोह का खुलासा करने वाली पूरी टीम को ₹50,000 के नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। फरार सरगना मनीष उर्फ प्रोफेसर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें महाराष्ट्र समेत संभावित ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी में जुटी हुई हैं।


























