महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता देवेंद्र फडणवीस ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस पर करारा हमला बोला है। पुणे में भाजपा की एक बैठक में शिरकत के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कई चुभते सवाल उठाए। उनका मुख्य सवाल था कि जब कांग्रेस खुद को महिलाओं के अधिकारों की हिमायती बताती है, तो पार्टी की बड़ी चेहरा प्रियंका गांधी वाड्रा को बड़ी जिम्मेदारियों से क्यों दूर रखा गया? इस दौरान उन्होंने सीजेपी (CJP) को लेकर भी बड़े दावे किए। यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब संसद के मॉनसून सत्र में महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जमकर तकरार देखी गई थी।
“क्या कांग्रेस सच में महिलाओं को अवसर देना चाहती है?”
पुणे में आयोजित बैठक के बाद फडणवीस ने सीधे सवाल उठाते हुए कहा, “प्रियंका गांधी को क्यों चांस नहीं दिया गया?” उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि आखिर वह महिलाओं को मौका देने के पक्ष में है या नहीं। गौर करने वाली बात है कि प्रियंका गांधी वाड्रा केरल की वायनाड सीट से सांसद हैं और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) में महासचिव की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। इसके बावजूद पार्टी संगठन में उन्हें वह भूमिका नहीं दी गई, जिस पर अक्सर चर्चा होती रही है। फडणवीस का यह तंज कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर चल रही बहस को एक बार फिर गर्म करने वाला माना जा रहा है।
2023 वाले बिल पर परिसीमन का सवाल
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने साल 2023 में महिला आरक्षण बिल का समर्थन तो किया, लेकिन अब वही पार्टी इसके क्रियान्वयन पर रोड़े अटकाने की कोशिश कर रही है। दरअसल, 2023 में लाए गए बिल में संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव शामिल था। फडणवीस ने बताया कि उस वक्त भी बिल में परिसीमन से जुड़े प्रावधान मौजूद थे। उन्होंने कहा, “बिल 2023 में लाया गया था। मेरा सवाल है कि जब आपने 2023 वाले कानून के पक्ष में वोट दिया था, तब उसमें परिसीमन के प्रावधान थे या नहीं?” उनके मुताबिक, कांग्रेस ने तब इस पर कोई एतराज नहीं जताया, लेकिन अब अलग रुख अपना रही है।
“2029 तक मिलेगा 33 प्रतिशत आरक्षण”
फडणवीस ने कांग्रेस पर महिला आरक्षण के विरोध का आरोप लगाते हुए पूछा, “अगर यह बिल पास नहीं हुआ, तो क्या महिलाओं को 2029 में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा?” उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भाजपा 2029 तक महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। महिला आरक्षण इस वक्त देश की राजनीति का सबसे गर्म मुद्दों में से एक है और हर बड़ी पार्टी इसे अपने पक्ष में झुकाने की कोशिश कर रही है।
सीजेपी पर हमला- “यह कांग्रेस जिताओ प्रोग्राम है”
इसी दौरान फडणवीस ने सीजेपी (CJP) और कांग्रेस के बीच कथित तालमेल का दावा किया। उन्होंने कहा, “सीजेपी एक छोटा समूह नहीं है। यह एक कांग्रेस जिताओ प्रोग्राम है। इससे जुड़े लोग सिर्फ इसके चेहरे हैं, इसके पीछे कई और लोग काम कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “देखिए सीजेपी की बैठकों में कौन-कौन शामिल हो रहा है। लगभग 180 लोग हैं… ये वही लोग हैं, जो नए नामों के साथ दोबारा मैदान में आ रहे हैं।” साफ है कि भाजपा विपक्ष से जुड़े संगठनों की कथित कड़ियों को लेकर बड़ा नैरेटिव तैयार कर रही है।
भारत जोड़ो अभियान पर भी उठाए सवाल
फडणवीस ने कांग्रेस के भारत जोड़ो अभियान पर भी निशाना साधा। उनका कहना है कि लोकसभा चुनाव से पहले चलाया गया यह अभियान कांग्रेस का अपना नहीं था। उन्होंने दावा किया, “वहां 180 अलग-अलग NGO थे। मैंने विधानसभा में कहा था कि इनमें से ज्यादातर को UPA सरकार ने अर्बन नक्सल करार दिया था।” उनके मुताबिक, इन संस्थाओं को एक साथ लाकर कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ नैरेटिव बनाया, क्योंकि ऐसी संस्थाओं पर कोई बोझ नहीं होता, जवाबदेही नहीं होती, उन्हें चुनाव नहीं लड़ना पड़ता और कोई उनसे सवाल भी नहीं पूछ सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान ये संस्थाएं रोज झूठ फैलाती थीं और भाजपा को बार-बार जवाब देना पड़ता था।
महाराष्ट्र की सियासत में बढ़ेगा पारा
राजनीतिक जानकारों की मानें तो महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर फडणवीस के इन बयानों के बाद महाराष्ट्र की सियासत में बहस तेज हो सकती है। कांग्रेस ने अब तक इन आरोपों पर औपचारिक जवाब नहीं दिया है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि विपक्ष जल्द पलटवार कर सकता है। आने वाले चुनावी माहौल को देखते हुए यह मुद्दा आगे भी सुर्खियों में बना रह सकता है।






















