UP News: कानपुर पुलिस को किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का एक बड़ा सफलता मिली है। मुख्य आरोपी डॉ. अफजल के करीबी सहयोगी और उसके ड्राइवर परवेज सैफी को मंगलवार देर रात रावतपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सैफी के कब्जे से एक झोले में 10 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं, जो किडनी तस्करी से कमाई गई रकम बताई जा रही है।
वायरल वीडियो बना गिरफ्तारी की कुंजी
इस गिरफ्तारी में सबसे अहम भूमिका वह वायरल वीडियो रहा, जिसमें सैफी और डॉ. अफजल 500 रुपये के नोटों के ढेर के बीच बैठे नजर आ रहे थे। पुलिस के मुताबिक, यह वीडियो कल्याणपुर के एक होटल में बनाया गया था। जांच में पता चला कि डॉ. अफजल को अवैध किडनी ऑपरेशन के बदले कुल 22 लाख रुपये मिले थे, जिसमें से 10 लाख रुपये उसने सैफी को दिए थे। पुलिस ने यही रकम आरोपी के झोले से बरामद की है।
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आहूजा अस्पताल में छापेमारी के बाद से ही सैफी लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। वह कानूनी रणनीति बनाने के लिए वकीलों के संपर्क में था और अपना मोबाइल फोन बंद रखता था। लेकिन, जैसे ही उसने अपना फोन चालू किया, डीसीपी एसएम कासिम आबिदी के नेतृत्व में पुलिस की सर्विलांस टीम ने उसकी लोकेशन रावतपुर में ट्रेस कर ली। पुलिस ने बिना कोई समय गंवाए घेराबंदी की और महज 15 मिनट के भीतर उसे धर दबोचा।
सिर्फ ड्राइवर नहीं, था डॉक्टर का ‘राजदार’
पुलिस पूछताछ में एक बड़ा खुलासा हुआ है कि परवेज सैफी महज एक ड्राइवर नहीं, बल्कि डॉ. अफजल का सबसे बड़ा ‘राजदार’ था। उसकी भूमिका काफी अहम थी। वह डॉक्टर को शहर के अलग-अलग ठिकानों पर लाने-ले जाने के साथ-साथ किडनी तस्करी की सौदेबाजी के पैसों को ठिकाने लगाने का काम करता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सैफी एक हिस्ट्री शीटर है और उसके खिलाफ पहले से ही आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।



















