Gurugram News: मिलेनियम सिटी के नाम से मशहूर गुरुग्राम में शहरी परिवहन को लेकर एक नई क्रांति की शुरुआत होने जा रही है। प्रदूषण मुक्त और आधुनिक यातायात व्यवस्था के तहत आज से शहर में इलेक्ट्रिक बसों (ई-बस) का ट्रायल रन शुरू हो गया है। यह कदम गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) द्वारा शहर की बिगड़ती परिवहन व्यवस्था को सुधारने और हरित ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता दिखाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। आइए, विस्तार से समझते हैं कि इस ई-बस परियोजना से जुड़े हर पहलू पर क्या खास रहेगा और इससे आम यात्रियों को कैसे फायदा होगा:
तीन दिन और तीन अलग-अलग रूटों पर होगा खास परीक्षण
शुरुआती चरण में एक इलेक्ट्रिक बस को लेकर तीन दिन का विशेष ट्रायल चलाया जा रहा है। इस दौरान इस बस को शहर के तीन अलग-अलग महत्वपूर्ण रूटों पर चलाया जाएगा। इस ट्रायल का मुख्य उद्देश्य बस के प्रदर्शन, बैटरी बैकअप, शहर की भीड़-भाड़ वाले इलाकों में इसकी चलने की क्षमता और मार्गों की जांच करना है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहता है, तो इस महीने के अंत या फिर अगले महीने के पहले सप्ताह तक लगभग 50 ई-बसें गुरुग्राम डिपो में आ जाएंगी और सीधे सड़कों पर दौड़ने लगेंगी।
100 ई-बसों के अनुबंध और लागत का खुलासा
यह अचानक शुरू किया गया ट्रायल कोई छोटा कदम नहीं है। इसकी नींव काफी समय पहले ही रखी जा चुकी थी। इसी साल अप्रैल माह के पहले सप्ताह में जीएमसीबीएल ने ‘पीएमआई इलेक्ट्रो मोबीलिटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड’ को 100 इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए आधिकारिक ठेका स्वीकृति पत्र (LOI) जारी किया था।
बात करें इसकी लागत की, तो प्रति किलोमीटर के हिसाब से इन बसों का संचालन 55 रुपये और 47 पैसे में होगा। इस डील को अंतिम रूप देने के लिए गत 16 फरवरी को एक उच्चस्तरीय कार्य समिति की बैठक आयोजित की गई थी, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की थी। इस बैठक में लंबी बातचीत और नेगोसिएशन के बाद ही इस कंपनी को बसों के संचालन का अनुबंध दिया गया था।
नए गुरुग्राम के लिए बनाए गए 154 बस क्यू शेल्टर
नई बसें आने वाली हैं, लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए बुनियादी ढांचा भी तैयार किया गया है। नए गुरुग्राम (जैसे सेक्टर-65 से लेकर सेक्टर-115 तक) में कई नई सोसाइटी और कॉलोनियां विकसित हुई हैं, जहां लोगों को परिवहन सुविधा की काफी कमी खपती थी। इसे देखते हुए गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) ने इन इलाकों में करीब 154 जगहों पर आधुनिक बस क्यू शेल्टर का निर्माण किया है। इस पूरी परियोजना पर लगभग 16 करोड़ रुपये का खर्च आया है।
सेक्टर-10 में तैयार हो रहा हाई-टेक चार्जिंग स्टेशन
इलेक्ट्रिक बसों के लिए सबसे बड़ी जरूरत है चार्जिंग का बुनियादी ढांचा। इसे ध्यान में रखते हुए सेक्टर-10 में एक विशाल चार्जिंग स्टेशन बनाया जा रहा है। यहां छह अलग-अलग चार्जिंग प्वाइंट लगाए गए हैं। इसकी सबसे खास बात यह है कि एक साथ 12 सिटी बसें यहां चार्ज हो सकती हैं। तकनीक की बात करें तो इन बसों को फुल चार्ज होने में महज आधे घंटे का समय लगेगा। अगले एक सप्ताह के भीतर यह चार्जिंग स्टेशन पूरी तरह से ऑपरेशनल हो जाएगा।
सेक्टर-48 में बना नया ई-बस डिपो
बसों को रखने और उनकी देखभाल के लिए जीएमडीए ने सेक्टर-48 में लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक ई-बस डिपो तैयार कर लिया है। इस डिपो में एक साथ 100 ई-बसें खड़ी हो सकती हैं। साथ ही, बिजली की अनवरत आपूर्ति के लिए इसी डिपो परिसर में एक अलग से बिजली घर (पावर सब-स्टेशन) भी बनकर तैयार है।
पुरानी सीएनजी बसों की हालत और यात्रियों का भरोसा
यह ई-बस परियोजना इसलिए भी बहुत जरूरी हो गई थी क्योंकि मौजूदा समय में जीएमसीबीएल के बेड़े में मौजूद 150 सीएनजी बसें लगातार समस्याओं से जूझ रही हैं। इनमें से 15 से 20 बसें अक्सर खराब रहती हैं। कई बार ये बसें सड़क पर चलते-चलते ही बीच में दम तोड़ देती हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है। इस लगातार खराब हो रही सेवा के कारण शहरवासियों का भरोसा सिटी बस सेवा से पूरी तरह उठ चुका था। ई-बसों के आने से इस भरोसे को दोबारा बनाने की उम्मीद है।
अगले सप्ताह से शुरू होगी नई कार्ड सेवा
याताओं की सुविधा को देखते हुए अब टिकट काटने की पुरानी प्रक्रिया को भी बदला जा रहा है। जीएमसीबीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विश्वजीत चौधरी की अध्यक्षता में हुई हालिया बैठक में फैसला लिया गया है कि अगले सप्ताह से सिटी बसों में स्मार्ट कार्ड सुविधा को शुरू किया जाएगा। यात्री मात्र 100 रुपये का भुगतान करके यह कार्ड प्राप्त कर सकेंगे, जिससे बस में सफर करना और भी आसान और भीड़-मुक्त हो जाएगा।
ई-बसों की शुरुआत सिर्फ एक शुरुआत है। भविष्य में इस बेड़े को और बड़ा बनाने की योजना है। जीएमसीबीएल के आग्रह पर गुरुग्राम नगर निगम ने केंद्रीय शहरी एवं आवासन मंत्रालय के समक्ष एक प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव में शहरी विकास फंड (UDF) के तहत गुरुग्राम को 500 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध करवाने की मांग की गई है।


























