NEET UG 2026: देशभर में NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक कांड को लेकर छात्रों में व्याप्त गुस्से और असमंजस के बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज बड़ी घोषणा की है। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि ईमानदार छात्रों के हित को देखते हुए NEET-UG की परीक्षा फिर से आयोजित कराई जाएगी। यह परीक्षा 21 जून को आयोजित होगी, जबकि छात्रों के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे।
परीक्षा माफिया के खिलाफ सख्त रुख
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पेपर लीक की खबरें सामने आने के 3 से 4 दिन बाद यह फैसला लिया गया ताकि किसी भी छात्र को कोई परेशानी न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ‘परीक्षा माफिया’ के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “दोषियों को पाताल से भी निकालकर सजा दिलाई जाएगी।” उन्होंने बताया कि मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है, जो तह तक जाकर सच्चाई सामने लाएगी।
छात्रों को मिलेंगी ये राहत और सुविधाएं
छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं:
- 15 मिनट अतिरिक्त समय: इस बार परीक्षा की अवधि 15 मिनट बढ़ा दी गई है। छात्रों को पेपर हल करने के लिए अब ज्यादा समय मिलेगा।
- शहर की स्वतंत्रता: परीक्षा दोबारा देने वाले छात्रों को अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा का शहर चुनने का विकल्प दिया जाएगा। इसके लिए एनटीए (NTA) एक सप्ताह का समय देगा, ताकि यात्रा का बोझ कम हो सके।
- आर्थिक बोझ नहीं: मंत्री ने आश्वासन दिया कि परीक्षा रद्द होने से छात्रों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।
अफवाहों से रहें सावधान
डिजिटल युग में भ्रामक खबरों के चलते अफवाहें फैल रही हैं। शिक्षा मंत्री ने अभिभावकों और छात्रों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। केवल सरकार या NTA द्वारा जारी आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा करें।
बड़ा सुधार: अगले साल से होगी ऑनलाइन परीक्षा
भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने ऐलान किया कि अगले साल से NEET की परीक्षा ‘कंप्यूटर बेस्ड’ (CBT) मोड में ली जाएगी। ओएमआर (OMR) शीट पर होने वाली परीक्षा की जगह अब ऑनलाइन परीक्षा से पेपर लीक की संभावनाओं को कम किया जाएगा।
एडमिट कार्ड और परीक्षा केंद्र
पुनः आयोजित होने वाली इस परीक्षा के लिए 14 जून तक एडमिट कार्ड जारी कर दिए जाएंगे। परीक्षा केंद्रों की जानकारी भी एनटीए द्वारा जल्द ही साझा की जाएगी। मौसम और बारिश को देखते हुए राज्य सरकारों से बात करके परिवहन और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया जाएगा, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। इस फैसले के साथ सरकार ने साफ कर दिया है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और कठोरता सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है।




















