Delhi News: डॉ. बी.आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय (एयूडी) दिल्ली ने गुरुवार को अपना 13वां वार्षिक दीक्षांत समारोह धूमधाम से आयोजित किया। इस अवसर पर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्रों को संबोधित किया। उपराज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि एआई (AI) और तकनीक से संचालित तीव्र परिवर्तन के इस दौर में शिक्षा ही राष्ट्र-निर्माण की सबसे मजबूत नींव बनी रहेगी।
एलजी बोले- डिग्री से आगे बढ़कर सीखने की जरूरत
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता होती है कि विश्वविद्यालय सीयूईटी (CUET) के माध्यम से एक पसंदीदा संस्थान के रूप में उभर रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय की समावेशिता, अकादमिक उत्कृष्टता और आलोचनात्मक सोच की जड़ों की सराहना की। उन्होंने स्नातक छात्रों को सलाह दी कि वे डिग्रियों तक सीमित न रहें, बल्कि निरंतर सीखने, नवाचार और नेतृत्व को अपनाएं। उन्होंने इस महत्वपूर्ण मौके पर छात्रों, अभिभावकों और संकाय सदस्यों को हार्दिक बधाई दी।
सीएम रेखा गुप्ता ने डिग्री को बताया परिवार की सामूहिक उपलब्धि
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम में एक हजार से ज्यादा छात्रों को डिग्री मिलने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह डिग्री पूरे परिवार की सामूहिक उपलब्धि (Collective Achievement) है। उन्होंने कहा कि जब कोई बच्चा परीक्षा देता है तो पूरे परिवार का भी परीक्षा होता है, इसलिए पूरा परिवार इसका भागीदार होता है। उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां सिर्फ सिलेबस नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए भी सिखाया जाता है, जो जीवन में हमेशा काम आता है।
डॉ. बी.आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह में माननीय उपराज्यपाल श्री तरनजीत सिंह संधू जी के साथ सम्मिलित हुई।
आज डिग्री और मेडल प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ। यह दिन वर्षों की मेहनत, अनुशासन, संघर्ष और… pic.twitter.com/DEs2EkXsXr
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) May 14, 2026
सीएम ने अपने दिल्ली विश्वविद्यालय के दिनों को याद करते हुए कहा कि आंबेडकर यूनिवर्सिटी ने अपना मानक बनाए रखा है और यहां देश के कोने-कोने से छात्र आते हैं। उन्होंने पीएम मोदी की ओर से की गई ऊर्जा संरक्षण की अपील का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों को सोना न खरीदने या विदेश न जाने जैसी बातों को कठोर नहीं मानना चाहिए। उन्होंने छात्रों से इन मुद्दों पर अपनी राय जानने की कोशिश की। इस दौरान दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद भी मौजूद रहे।
कुलपति की अपील: सार्वजनिक परिवहन का करें उपयोग
कुलपति प्रो. अनु सिंह लाठर ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस बार 1030 छात्रों को स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्रियां मिली हैं, जबकि 300 से अधिक छात्रों को पीएचडी की डिग्री प्रदान की गई है, जिनमें 75 प्रतिशत से अधिक छात्राएं हैं।
ऊर्जा संकट को देखते हुए कुलपति ने प्रधानमंत्री की अपील को दोहराते हुए विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों से निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश हित में यह हम सबकी जिम्मेदारी है। अंबेडकर विश्वविद्यालय ऐसा पहला संस्थान बन गया है, जहां कुलपति की ओर से इस तरह की औपचारिक अपील की गई है।

























