Delhi News: दिल्ली में अपराधियों के हौसले किस हद तक बढ़ गए हैं, इसका ताजा उदाहरण उत्तर-पश्चिमी जिले के जहांगीरपुरी इलाके से सामने आया है और आज रविवार की सुबह एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। करीब 20 वर्षीय एक युवक, जो अपने परिवार का इकलौता सहारा था जिसको बेरहमी से चाकू मारकर उसकी जान ले ली गई। सबसे बड़ी चौंकाने वाली बात यह है कि यह वारदात दिनदहाड़े एक सलून के अंदर हुई, जहां युवक अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए काम करता था। इस हमले के बाद परिजनों ने स्थानीय पुलिस पर संदिग्ध रवैया अपनाने और समय पर कार्रवाई न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
दिनदहाड़े सलून में घुसे बदमाश
प्राप्त जानकारी और पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना का सिलसिला रविवार सुबह लगभग 8 बजे शुरू हुआ। जहांगीरपुरी में एक सड़क के किनारे स्थित एक सलून में इरफान नाम का युवक ग्राहकों की तैयारी कर रहा था। तभी अचानक चार से पांच हथियारबंद युवक वहां पहुंचे।
शुरुआत में इन बदमाशों ने सलून के अंदर जमकर तोड़फोड़ की। शीशे तोड़ दिए और उपकरणों को उछालने लगे। जब इरफान ने इस व्यवहार का विरोध किया और उन्हें रोकने की कोशिश की, तो हालात नियंत्रण से बाहर हो गए। बदमाशों ने इरफान को जबरदस्ती पीटना शुरू कर दिया और उसे सलून से बाहर खींचकर पास की ही एक संकरी गली में ले गए। वहां उन्होंने ताबड़तोड़ चाकू से वार किए। इतनी बेरहमी से किए गए हमले कि युवक लहूलुहान होकर गिर गया, जबकि आरोपी वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए।
अस्पताल पहुंचने तक चल गई जान
हमले के बाद इलाके के लोगों ने तुरंत गंभीर रूप से घायल इरफान को नजदीकी बाबू जगजीवन राम अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, खून की बहुत ज्यादा बर्बादी हो चुकी थी। इलाज शुरू होने से पहले ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में इरफान के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। चीख-पुकार मच गई।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब मृतक की मां ने पुलिस पर जमकर गुस्सा निकाला। उनका दावा है कि जब उसके बेटे के साथ मारपीट हो रही थी और वह गली में खून से लथपथ पड़ा था, तब तक पुलिस बल मौके पर पहुंच चुका था।
परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने आरोपियों को रोकने के बजाय सनन्न दर्शक बनने का रोल अदाय किया। अगर पुलिस समय रहते सक्रिय होती और बदमाशों को रोकती, तो शायद इरफान की जान बच सकती थी। मृतक के परिवार ने स्थानीय पुलिस पर पूरी तरह से लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए एक निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। उनकी सीधी मांग है कि जो भी दोषी हैं, उन्हें 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार किया जाए।
इरफान कौन था? एक टूटे सपनों की कहानी
20 साल का इरफान अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसके पिता का पहले ही देहांत हो चुका है और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसके कंधों पर थी। आर्थिक तंगी के बावजूद इरफान ईमानदारी से सलून में काम करके अपना और अपने परिवार का पेट पाल रहा था। उसकी मौत ने न केवल उसकी मां बल्कि पूरे परिवार को अंधेरे में धकेल दिया है।
घटना की सूचना मिलते ही जहांगीरपुरी थाना पुलिस हरकत में आई। हालांकि, परिजनों के आरोपों के चलते इस मामले में पुलिस की किरकिरी भी हो रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नाबदान बिंदुओं की जांच की।
पुलिस ने तुरंत हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस की पहली प्राथमिकता आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना है। फुटेज से यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी किस दिशा में भागे और उनका चेहरा कैसा है। इसके अलावा, आरोपियों तक पहुंचने के लिए कई विशेष पुलिस टीमें गठित कर ली गई हैं जो इलाके के चहेते और संदिग्ध अपराधियों को छानने में जुट गई हैं। पुलिस ने शव को कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इलाके में छाया भय का साया
इस खूनी वारदात के बाद से पूरे जहांगीरपुरी इलाके में तनाव और डर का माहौल कायम है। दुकानदारों ने अपने शटर नीचे कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर दिनदहाड़े युवाओं को इस तरह से मौत के घाट उतारा जाएगा, तो कोई भी सुरक्षित नहीं है। लोगों ने प्रशासन से त्वरित न्याय और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात करने की मांग की है।
फिलहाल, दिल्ली पुलिस इस मामले को ‘गैंगवार’ या ‘पुरानी रंजिश’ के एंगल से भी जोड़कर जांच कर रही है। हालांकि, परिजनों का कहना है कि इरफान की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और उसे बेवजह निशाना बनाया गया है। अब देखना होगा कि पुलिस कब तक इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश कर परिवार को न्याय दिला पाती है और परिजनों द्वारा लगाए गए लापरवाही के आरोपों पर क्या स्टेटस रिपोर्ट आती है।


























