ऋषी तिवारी
Delhi News : दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में हुई फायरिंग की घटना ने पुलिस की जांच में एक चौंकाने वाला राज खोल दिया है। जहां पहले लग रहा था कि कोई गैंगस्टर रेस्टोरेंट मालिक को निशाना बना रहा है, वहीं सच्चाई ये निकली कि रेस्टोरेंट मालिक खुद ही इस नाटक का मास्टरमाइंड था। 13 लाख रुपये के कर्ज से घबराकर उसने खुद पर फायरिंग करवाकर खुद को ‘बड़ा गैंगस्टर’ साबित करने की साजिश रची थी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या थी पूरी घटना?
पुलिस के अनुसार, 15 मार्च 2026 को पश्चिम विहार ईस्ट थाने में एक PCR कॉल प्राप्त हुई। कॉलर ने सूचना दी कि BG-6, पश्चिम विहार इलाके में फायरिंग की गई है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की गई। मौके पर ‘नाइट आउल’ नामक रेस्टोरेंट के लोहे के गेट पर दो गोली लगने के निशान मिले। पुलिस ने मौके से दो खाली कारतूस और गोली के टुकड़े भी बरामद किए। इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं थी।
CCTV फुटेज से मिला अहम सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध लोगों की तस्वीरें निकाली गईं और उनकी पहचान करने के लिए जानकारी जुटाई गई। इसी क्रम में पुलिस को सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति निहाल विहार के पास देखा गया है। इस पर पुलिस ने 17-18 मार्च की रात छापेमारी कर सन्नी उर्फ बोंग को हिरासत में ले लिया।
‘गैंगस्टर’ बनने की चाहत और कर्ज का दबाव
पूछताछ के दौरान सन्नी ने पुलिस के सामने पूरा राज खोल दिया। उसने बताया कि फायरिंग की यह घटना रेस्टोरेंट मालिक तपन दास उर्फ विश्वास के कहने पर ही अंजाम दी गई थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तपन दास को सोनिया कैंप झुग्गी इलाके से गिरफ्तार कर लिया।
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जांच में खुलासा हुआ कि तपन दास पूरी साजिश का मास्टरमाइंड है। उस पर करीब 13 लाख रुपये का कर्ज था और वह इसे चुकाने से बचना चाहता था। इसके लिए उसने एक अनोखी योजना बनाई। उसका मकसद फाइनेंसरों पर दबाव बनाना और कर्ज माफ करवाना था।
था सहानुभूति हासिल करने का मकसद
तपन दास चाहता था कि वह खुद को विदेश में बैठे गैंगस्टरों का टारगेट दिखाए। इससे उसे दो फायदे होते- एक, उसे सहानुभूति मिलती और दूसरा, इलाके में उसका ‘दबदबा’ बन जाता। खुद को गैंगस्टर साबित करके वह कर्जदाताओं को डराने और पैसे नहीं देने का बहाना बनाना चाहता था। इस साजिश में तीसरे आरोपी कमलेश का नाम भी सामने आया, जिसे पुलिस ने 17-18 मार्च की रात उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। कमलेश ने भी पूछताछ में अपनी भूमिका कबूल की।
बरामदगी और कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देसी पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस, घटनास्थल से मिले दो खाली कारतूस, फायरिंग के समय पहने गए कपड़े और इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी पश्चिम विहार ईस्ट थाने के सक्रिय बदमाश बताए जा रहे हैं। फिलहाल, पुलिस आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई कर रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।



















