दिल्ली पुलिस ने पकड़ा एटीएम काटने वाला ये शातिर गैंगस्टर

क्राइम ब्रांच द्वारा गिरफ्तार किए गए शातिर अपराधी की पहचान साजिद उर्फ भूरा (26 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हरियाणा के नूंह (मेवात) जिले का निवासी है। पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, साजिद कुख्यात 'इमरान मेवाती एटीएम अपरूटिंग गैंग' का एक बेहद अहम और सक्रिय सदस्य है।

दिल्ली में कुख्यात इमरान मेवाती गैंग का पर्दाफाश, सदस्य गिरफ्तार

HIGHLIGHTS

  • गैस कटर से एटीएम काटता था ये खूंखार लूटेरा, गिरफ्तार
  • फिल्मी स्टाइल में काटते थे एटीएम, क्राइम ब्रांच ने पकड़ा
  • 19 लाख रुपये लूटकर भागा था भूरा, अब पहुंचा जेल
  • जेल में मिला था गैंग का टिप, फिर लूटे एटीएम
  • तीन राज्यों में एटीएम काटने वाले इस गिरोह का अंत

दिल्ली और एनसीआर (NCR) क्षेत्र में एटीएम लूटकांडों के मामलों में भारी गिरावट आने वाली है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उस कुख्यात इंटर-स्टेट गिरोह का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हासिल की है, जो रातों-रात भारी-भरकम एटीएम मशीनों को गैस कटर का इस्तेमाल करके आसमान से बाली चोरी कर रहा था। इस गिरोह के एक सक्रिय और खूंखार सदस्य को गिरफ्तार किया गया है, जिससे संगठित अपराध के अंडरवर्ल्ड नेटवर्क को एक बड़ा झटका लगा है।

जाने कौन है यह गिरफ्तार आरोपी?

क्राइम ब्रांच द्वारा गिरफ्तार किए गए शातिर अपराधी की पहचान साजिद उर्फ भूरा (26 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हरियाणा के नूंह (मेवात) जिले का निवासी है। पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, साजिद कुख्यात ‘इमरान मेवाती एटीएम अपरूटिंग गैंग’ का एक बेहद अहम और सक्रिय सदस्य है। वह इन दिनों दिल्ली के मंडावली इलाके में हुए एक हाई-प्रोफाइल एटीएम लूटकांड में वांछित चल रहा था। इतना ही नहीं, उसकी गिरफ्तारी के लिए संबंधित अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी किए जा चुके थे, लेकिन वह पुलिस की पहुंच से दूर जंगलों और शहरों के बीच अपना ठिकाना बदलते हुए फरार था।

पुलिस की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे किसी बॉलीवुड सस्पेंस थ्रिलर से कम नहीं हैं। आरोपी साजिद और उसके साथियों ने 29 और 30 अप्रैल, 2026 की दरमियानी रात को दिल्ली के मंडावली थाना क्षेत्र स्थित वेस्ट विनोद नगर में एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया था।

इन बदमाशों ने वहां लगे आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक के एटीएम को निशाना बनाया। आम चोरों की तरह ताला तोड़ने के बजाय इन अपराधियों ने औद्योगिक स्तर के भारी गैस कटर (Gas Cutter) का इस्तेमाल किया। मिनटों के अंदर ही एटीएम मशीन की लोहे की मोटी दीवारों को काटकर अंदर रखे कैश कैबिन तक पहुंच बनाई और वहां से 19.32 लाख रुपये की नकदी पर हाथ साफ कर दिया। इस दौरान इलाके में दहशत का माहौल था, लेकिन तेज रफ्तार से वारदात को अंजाम देकर ये अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए थे।

कैसे पहुंची पुलिस को सफलता?

दिल्ली पुलिस के डीसीपी (क्राइम) हर्ष इंदौरा के मार्गदर्शन में एंटी गैंगस्टर स्क्वाड (AGS) को इस मामले की जांच सौंपी गई थी। एजेंसी का लक्ष्य साफ था—संगठित अपराध, एटीएम चोरी और गैंगवार पर पूरी तरह से शिकंजा कसना।

जांच टीम ने पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक पर भरपूर भरोसा किया। आरोपी के मोबाइल फोन की लोकेशन को ट्रैक किया गया। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के जरिए उसके संपर्कों के एक बड़े नेटवर्क को खंगाला गया। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस (CCTV फुटेज और एएनपीआर कैमरों) के जरिए उसके मूवमेंट को मैप किया गया। जब तकनीकी जांच अपने अंतिम चरण में थी, तब तक मैदानी खुफिया एजेंटों (मुखबिरों) ने भी पुख्ता इनपुट दिया कि साजिद हरियाणा के नूंह जिले में किसी सुरक्षित छिपने के ठिकाने पर आने वाला है।

तावड़ू बाईपास पर पड़ा पुलिस का जाल

सूचना की पुष्टि होते ही क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम तत्काल दिल्ली से रवाना हुई। हरियाणा पुलिस के स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल करके नूंह के तावड़ू बाईपास के पास एक घेराबंदी की रणनीति बनाई गई। जैसे ही आरोपी साजिद उर्फ भूरा अपने वाहन से उस रुट पर पहुंचा, पुलिस टीम ने चारों ओर से घेराबंदी कर उसे बिना किसी फायरिंग यकीनी बनाते हुए दबोच लिया।

गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी साजिद ने मंडावली में 19.32 लाख रुपये की एटीएम लूट में अपनी सीधी संलिप्तता कबूल कर ली है। लेकिन इसके अलावा पुलिस को एक और बड़ी सफलता तब मिली, जब उसने वर्ष 2021 में राजस्थान के नीमराना (अलवर) में हुए एक और एटीएम काटकर चोरी कांड का राज खोला। उसने बताया कि नीमराना में उसने और उसके साथियों ने गैस कटर से एटीएम काटकर 12.70 लाख रुपये की चोरी की थी।

दिलचस्प बात यह है कि साजिद का रास्ता अपराध की दुनिया तक जेल से होकर गुजरा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, साजिद पहले छोटे-मोटे अपराधों में लिप्त था। जब वह नीमराना कांड में जेल गया, तो वहीं उसकी मुलाकात इस गिरोह के सरगना और कुख्यात गैंगस्टर ‘इमरान मेवाती’ से हुई। जेल की चारदीवारी के अंदर ही दोनों के बीच गठजोड़ हुआ और जेल से बाहर आने के बाद साजिद पूरी तरह से ‘इमरान मेवाती गैंग’ में शामिल हो गया।

डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा ने बताया

डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा ने इस सफल ऑपरेशन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि साजिद की गिरफ्तारी से इस संगठित एटीएम लूट गिरोह के पूरे नेटवर्क को एक बड़ा झटका लगा है। पुलिस का अगला लक्ष्य अब फरार चल रहे सरगना इमरान मेवाती और इस गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्यों तक पहुंचना है।

इस मामले में अब तक की जांच से साफ है कि यह गिरोह किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में इनका गहरा जाल फैला हुआ है। क्राइम ब्रांच लगातार इनके अन्य गैंग मेंबर्स की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस ने यह भी संकेत दिए हैं कि जल्द ही पूरे गिरोह को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा और इनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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