Delhi News: दिल्ली में अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने एक साथ दो बड़ी कार्रवाई की है। पहली कार्रवाई में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ कर 4.5 करोड़ रुपये की साइकोट्रॉपिक दवाइयां बरामद की हैं, जबकि दूसरी कार्रवाई में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले नकली प्रोटीन सप्लीमेंट बनाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। इन दोनों ऑपरेशन में कुल 5 आरोमियों को गिरफ्तार किया गया है।
4.5 करोड़ के नशे के जाल में 4 गिरफ्तार
बता दें कि क्राइम ब्रांच की ANTF टीम ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को चकनाचूर कर दिया। पुलिस ने शिव विहार तिराहे पर जाल बिछाकर सबसे पहले नितिन पाठक (20) को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से भारी मात्रा में अल्प्राजोलम और ट्रामाडोल टैबलेट्स बरामद हुईं।
नितिन से पूछताछ के बाद पुलिस ने भोपुरा स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापा मारा, जहां से प्रेम सिंह यादव को गिरफ्तार किया गया और बड़ी मात्रा में ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए गए। इसके बाद लक्ष्मी नगर निवासी शालू कुमार और संजय सिंह को भी पुलिस ने दबोच लिया।
जांच में खुलासा हुआ कि ये आरोपी अवैध तरीके से प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं की सप्लाई करके भारी मुनाफा कमा रहे थे। इस ऑपरेशन में कुल 3.539 किलो अल्प्राजोलम और 1.709 किलो ट्रामाडोल बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 4.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। डीसीपी (ANTF) राहुल अलवाल ने बताया, “यह कार्रवाई नशे के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार है। हमारी टीम लगातार खुफिया जानकारी के आधार पर ऐसे गिरोहों को खत्म करने में जुटी है।
रानी खेड़ा में चल रही थी नकली प्रोटीन की अवैध फैक्ट्री
इसी बीच, क्राइम ब्रांच की एक अन्य टीम ने नकली प्रोटीन सप्लीमेंट बनाने और बेचने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हरियाणा निवासी नवीन कुमार उर्फ बंजारा (32) को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली के रानी खेड़ा इलाके में एक अवैध फैक्ट्री चला रहा था।
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बता दें कि इस मामले में पुलिस पहले ही दो आरोमियों को गिरफ्तार कर 150 किलो नकली सप्लीमेंट और फर्जी ब्रांड के स्टिकर बरामद कर चुकी थी। आगे की जांच में नवीन कुमार की भूमिका सामने आने के बाद उसे दबोचा गया।
नवीन की फैक्ट्री में छापेमारी कर पुलिस ने 26 सीलबंद नकली सप्लीमेंट कंटेनर, बड़ी मात्रा में फर्जी स्टिकर-होलोग्राम, सैकड़ों खाली जार, फ्लेवर पाउडर, कच्चा माल और सप्लीमेंट बनाने की मशीनें बरामद की हैं। सबसे अहम बात यह रही कि वहां से एक कंप्यूटर भी मिला है, जिसमें नामी-गिरामी ब्रांड्स की फर्जी स्टिकर डिजाइन करने का सॉफ्टवेयर और डिजाइन मौजूद थे।
बता दें कि डीसीपी क्राइम ब्रांच पंकज कुमार ने कहा कि यह गिरोह सीधे तौर पर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा था। नकली सप्लीमेंट बनाकर बाजार में उतारना उपभोक्ताओं के लिए गंभीर खतरा है। हमारी टीम पूरे नेटवर्क की पहचान कर इसे जड़ से खत्म करेगी।
पुलिस की सख्ती जारी
दिल्ली पुलिस के इन दो अलग-अलग ऑपरेशन से एक बार फिर साफ हो गया है कि राजधानी में अवैध ड्रग्स और फर्जी खाद्य पदार्थ/सप्लीमेंट्स बेचने वाले गिरोहों पर पुलिस की पैनी नजर है। फिलहाल, पुलिस दोनों ही मामलों में सप्लाई चेन और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है, ताकि इन गिरोहों को जड़ से खत्म किया जा सके।


























