दिल्ली के मंगोलपुरी में अचानक बरसा चाकू, छह घायल

बता दें कि जब लोग अपने दैनिक कामकाज से निकलकर घर लौट रहे थे, तभी मंगोलपुरी की तंग गलियों में अचानक दहशत का माहौल बन गया। कुछ हमलावरों का एक समूह वहां मौजूद राहगीरों पर बिना किसी चेतावनी के टूट पड़ा। इन हमलावरों ने तीन अलग-अलग गलियों में लोगों पर चाकू घोंपना शुरू कर दिया।

मंगोलपुरी में 24 घंटे में दो वारदात, दहशत में दिल्ली

HIGHLIGHTS

  • चाकूबाजी से दहला मंगोलपुरी, हमलावरों की तलाश में पुलिस
  • मंगोलपुरी में खौफनाक वारदातों से कानून व्यवस्था पर सवाल
  • तीन गलियों में चाकूबाजी, राहगीरों पर टूट पड़े हमलावर
  • मंगोलपुरी में चाकूबाजी और हत्या, 24 घंटे में दो वारदात

Delhi News: दिल्ली में कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगोलपुरी इलाके में आजादी का अहसास दहशत में बदल गया है। यहां पिछले 24 घंटों के दौरान दो अलग-अलग और सनसनीखेज वारदातों ने पूरे इलाके में सन्नाटा पसार दिया है। एक तरफ शुक्रवार की शाम सड़कों पर चल रहे निर्दोष लोगों पर असामाजिक तत्वों ने बेरहमी से चाकूओं से हमला कर दिया, तो वहीं इससे ठीक पहले एक किशोर की जान सिर्फ इसलिए चली गई क्योंकि वह अपने दोस्त के साथ रेलवे ट्रैक के किनारे सोशल मीडिया रील बना रहा था।

सड़कों पर बिखेरा खून, छह लोग घायल

बता दें कि शुक्रवार की शाम जब लोग अपने दैनिक कामकाज से निकलकर घर लौट रहे थे, तभी मंगोलपुरी के एल (L) ब्लॉक की तंग गलियों में अचानक दहशत का माहौल बन गया। कुछ हमलावरों का एक समूह वहां मौजूद राहगीरों पर बिना किसी चेतावनी के टूट पड़ा। इन हमलावरों ने तीन अलग-अलग गलियों में लोगों पर चाकू घोंपना शुरू कर दिया।

इस हमले की बर्बरता इससे साफ झलकती है कि मात्र कुछ ही देर में छह लोग खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर गए। घायलों में गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को तुरंत संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, तीन में से दो घायलों की हालत इतनी नाजुक थी कि उन्हें बेहतर इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल रेफर करना पड़ा।

पुलिस और लोकों के बयानों में अंतर

इस मामले की जांच में जुटी पुलिस का प्रारंभिक दावा है कि यह वारदात किसी पुरानी आपसी रंजिश या गैंगवार का नतीजा हो सकती है। लेकिन, जमीनी हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। घटनास्थल के आसपास रहने वाले स्थानीय निवासियों का कहना है कि हमलावरों का मकसद सिर्फ खून बहाना नहीं था, बल्कि उन्होंने लोगों के साथ लूटपाट भी की। इस तरह के आरोपों ने आम नागरिकों के मन में यह डर पैदा कर दिया है कि अगर कोई बेगुनाह सड़क पर निकलता है, तो उसकी जान भी जा सकती है और उसके साथ सामान की लूट भी हो सकती है।

सोशल मीडिया की दीवानगी ने ले ली जान

मंगोलपुरी में चाकूबाजी का यह सिलसिला शुक्रवार से शुरू नहीं हुआ। इससे एक दिन पहले, यानी गुरुवार की शाम नांगलोई और मंगोलपुरी रेलवे स्टेशनों के बीच एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। 17 वर्षीय एक किशोर अपने दोस्त के साथ राज पार्क औद्योगिक क्षेत्र स्थित रेलवे ट्रैक के पास पहुंचा। उसका मकसद सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली एक ‘रील’ (वीडियो) बनाना था।

लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह रील उनकी जिंदगी की आखिरी रील बनेगी। वहां पहले से मौजूद तीन युवकों (लगभग 17-20 वर्ष) ने उनकी वीडियोग्राफी में दखल देना शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस हो गई, जो जल्द ही खूनी संघर्ष में बदल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने बेहद शातिर तरीके से काम किया। एक आरोपी ने किशोर को जोर से पकड़ लिया, वहीं दूसरे ने अपने साथी को चाकू थमा दिया और तीसरे ने बेरहमी से उसके पेट में चाकू घोंप दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों हमलावर आसानी से नांगलोई रेलवे स्टेशन की तरफ फरार हो गए। गंभीर हालत में किशोर को संजय गांधी अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने के सभी प्रयास नाकाम कर दिए।

पुलिस की कार्रवाई और नाबालिगों का खौफ

दोनों ही मामलों में दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले दर्ज कर लिए हैं। हालांकि, अभियुक्तों को पकड़ने के लिए पुलिस को अभी काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। शुक्रवार की शाम को हुई वारदात में कुछ संदिग्ध नाबालिगों के शामिल होने की बात सामने आ रही है। नाबालिगों का अपराध की दुनिया में बढ़ता कदम पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।

पुलिस टीमें अभी इलाके में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालने में जुटी हैं। डिजिटल सर्विलांस के अलावा, पुलिस स्थानीय खुफिया जानकारी पर भी भरोसा कर रही है। घायल पीड़ितों से लगातार बयान रिकॉर्ड किए जा रहे हैं और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि हमलावरों के चेहरे और उनके भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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