Delhi News: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने राजधानी में ब्लैक मार्केटिंग और कालाबाजारी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नांगलोई के बक्करवाला इलाके में एक सुनियोजित अवैध एलपीजी (LPG) गैस रिफिलिंग और जमाखोरी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से न केवल गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर बड़ी चोट लगी है, बल्कि एक संभावित बड़े विस्फोटक हादसे को भी टाला गया है।
खाली प्लॉट पर चल रहा था अवैध कारोबार
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) पंकज कुमार के मुताबिक, क्राइम ब्रांच को इस अवैध गतिविधि के बारे में पुख्ता सूचना मिली थी। इसी आधार पर टीम ने बक्करवाला रोड स्थित एक खाली प्लॉट पर छापेमारी की। छापे के दौरान वहां भारी मात्रा में एलपीजी सिलेंडर जमा मिले। कुछ सिलेंडरों को टेंपों में लोड कर सप्लाई के लिए तैयार किया जा रहा था। मौके पर मौजूद तीनों आरोपी जब सिलेंडरों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके, तब उन्हें हिरासत में लिया गया।
ऐसे करते थे कालाबाजारी का खेल
जांच में आरोपियों का चौंकाने वाला मॉडस ऑपरेंडी (तरीका) सामने आया है। आरोपी आधिकारिक गैस एजेंसियों से घरेलू एलपीजी सिलेंडर बुक करवाकर उठाते थे, लेकिन उन्हें उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के बजाय इन्हें खाली प्लॉट पर जमा कर लेते थे।
इसके बाद अवैध उपकरणों (धातु के पाइप आदि) की मदद से भरे हुए सिलेंडरों की गैस निकालकर खाली सिलेंडरों में ट्रांसफर की जाती थी। यह पूरी प्रक्रिया बेहद असुरक्षित और गैरकानूनी थी। इस तरह तैयार किए गए सिलेंडरों को बाद में खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था, जिससे आरोपी मोटा मुनाफा कमा रहे थे। पुलिस के अनुसार, इस तरह गैस वितरण प्रणाली का दुरुपयोग कर कृत्रिम कमी पैदा की जा रही थी।
इतनी बरामदगी हुई मौके से:
- 96 एलपीजी गैस सिलेंडर
- 3 टेंपो (गाड़ियां)
- 3 इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग मशीन
- गैस ट्रांसफर करने के अवैध उपकरण और पाइप
बड़े हादसे का था खतरा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बिना किसी सुरक्षा मानकों के और खुले में धातु के पाइपों से गैस ट्रांसफर करना आग लगने या भयंकर विस्फोट जैसी घटनाओं को न्यौता देने वाला काम है। किसी भी छोटी सी चिंगारी से बड़ा हादसा हो सकता था।
पुलिस का अगला कदम
डीसीपी पंकज कुमार ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छानबीन कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि जन सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
यह पहली कार्रवाई नहीं
गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल माह में भी बाहरी उत्तरी जिले की बवाना थाना पुलिस ने अवैध गैस सिलेंडर भंडारण और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। उस कार्रवाई में पुलिस ने 75 एलपीजी सिलेंडर बरामद किए थे और एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। ऐसा लगता है कि बाहरी जिलों में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करने वाले एक बड़े नेटवर्क की जड़ें फैली हुई हैं, जिसे पुलिस खोदने में जुटी है।

























