Delhi News: दिल्ली नगर निगम (MCD) में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नगर निगम के शाहदरा उत्तरी जोन में तैनात डिप्टी कमिश्नर (DC) अभिषेक मिश्रा और अकाउंट ऑफिसर दिव्यांशु गौतम को 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी के बाद से निगम महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
कैसे पकड़ा गया जाल?
जानकारी के अनुसार, डीसी अभिषेक मिश्रा और अकाउंट ऑफिसर दिव्यांशु गौतम पर एक लाइसेंस इंस्पेक्टर मुकेश से 4 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। लाइसेंस इंस्पेक्टर की शिकायत पर सीबीआई ने मामले को संजीदगी से लेते हुए जाल बिछाया। जैसे ही दोनों अधिकारी रिश्वत की रकम ले रहे थे, सीबीआई की टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।
निलंबित इंस्पेक्टर से मांगी थी रिश्वत
इस मामले का एक दिलचस्प पहलू यह भी सामने आया है कि शिकायतकर्ता लाइसेंस इंस्पेक्टर मुकेश किसी आम आदमी नहीं, बल्कि खुद निगम का अधिकारी है। एडीएमसी के डेम्स चेयरमैन संदीप कपूर ने बताया कि मुकेश पहले से ही शाहदरा साउथ जोन में शिकायतों के चलते निलंबित था और उसके खिलाफ जांच चल रही थी। ऐसे में निलंबित अधिकारी से रिश्वत मांगना निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
क्या है एक बड़े नेटवर्क की भूमिका?
सीबीआई की शुरुआती जांच में कई ऐसे संकेत मिले हैं जो इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि यह मामला सिर्फ इन दोनों अधिकारियों तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसी को शक है कि निगम के अंदर एक बड़े रिश्वतखोरी नेटवर्क की भी संलिप्तता हो सकती है। फिलहाल सीबीआई दोनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की तह तक जाने के लिए उनके आर्थिक लेन-देन और संपत्तियों पर भी नजर गड़ाई हुई है।
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निगम प्रशासन ने दिया यह बयान
इस पूरे प्रकरण पर डेम्स चेयरमैन संदीप कपूर ने कहा, “निगम में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निगम प्रशासन अब डीसी अभिषेक मिश्रा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
यह कार्रवाई उस समय सामने आई है, जब आम जनता नगर निगम में जारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर लगातार सवाल उठा रही थी। सीबीआई की इस छापेमारी ने यह संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका पद कितना भी ऊंचा क्यों न हो।



















