UP News: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की 10वीं और 12वीं कक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद बोर्ड परीक्षाओं का यह दौर लगभग समाप्ति की कगार पर है। इस दौरान जहाँ एक ओर सफल छात्र खुशियां मना रहे हैं, वहीं कुछ छात्र ऐसे भी हैं जिनके चेहरों पर निराशा साफ दिख रही है। ऐसे में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों के लिए एक खास ‘पाती’ लिखी है। सीएम योगी ने अपने इस पत्र के जरिए न सिर्फ सफल छात्रों को बधाई दी, बल्कि उन छात्रों को सीने से लगाया है जो इस बार अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाए।
सफलता पर बधाई, प्रदेश को किया गर्वांकित
अपने पत्र की शुरुआत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षाफल को ‘अत्यंत उत्साहजनक’ बताया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अनेक बच्चों ने अपनी लगन और कठिन परिश्रम से पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। सीएम ने अपनी ओर से सभी सफल छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य की ढेरों बधाइयां और आशीर्वाद दिए।
‘चरैवेति-चरैवेति’ का दिया संदेश
हालांकि, सीएम के पत्र का सबसे खास हिस्सा उन विद्यार्थियों के लिए था, जिनके रिजल्ट उम्मीद के मुताबिक नहीं आ सके। सीएम योगी ने लिखा कि मेरी यह पाती खास उन छात्रों के लिए है जो किन्हीं कारणों से अपेक्षित परिणाम नहीं ला पाये। सफलता और असफलता जीवन के अंग हैं। सफलता हमें उत्साहित करती है, लेकिन असफलता से निराशा घर कर सकती है। बस, हमें इसी निराशा को हटाकर ‘चरैवेति-चरैवेति’ (चलते रहो-चलते रहो) के मंत्र पर आगे बढ़ना है।
उन्होंने आगे समझाया कि यह सूत्र वाक्य निरंतर परिश्रम, प्रगति और जीवन में न रुकने का संदेश देता है। सीएम ने छात्रों को याद दिलाया कि कोई भी परिणाम जीवन का पहला और अंतिम नहीं होता, बल्कि यह एक नए आरंभ का अवसर होता है। उन्होंने कहा कि एक असफलता भविष्य की असीमित सफलताओं व संभावनाओं की जननी हो सकती है। सोना तपकर ही कुंदन बनता है।
एडिसन और रामानुजन के उदाहरण से दी प्रेरणा
छात्रों का मनोबल बढ़ाने के लिए सीएम योगी ने इतिहास के कुछ ऐसे पन्ने पलटे, जिनमें शुरुआती असफलताओं के बाद भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की गईं। उन्होंने महान आविष्कारक थॉमस अल्वा एडिसन का उदाहरण देते हुए बताया कि एडिसन के शुरुआती हर प्रयोग नाकाम रहा, लेकिन उन्होंने प्रयास जारी रखा। इसके साथ ही उन्होंने विश्व के सर्वश्रेष्ठ गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन सहित अन्य महान विभूतियों का जिक्र किया, जिन्होंने बाधाओं और असफलताओं को अपने कदमों तले रौंदकर अपने क्षेत्र में शिखर पर पहुंचने का मार्ग बनाया।
अभिभावकों से भी की खास अपील
सीएम योगी ने अपने पत्र में सिर्फ छात्रों को ही नहीं, बल्कि उनके अभिभावकों और शिक्षकों से भी एक खास अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। यदि परिणाम सकारात्मक न हो, तो अभिभावकों को निराश होने के बजाय बच्चों का हौसला बढ़ाना चाहिए।
सीएम ने लिखा कि बच्चों की रुचि किस विषय में है, इसे समझने का प्रयास करें। आज ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहां करियर निर्माण की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे अच्छे अवसरों को पहचानने में बच्चों की मदद करें और उनकी प्रतिभा को खिलने दें।
सीएम के पत्र का महत्व
यूपी बोर्ड जैसी विशाल परीक्षा प्रणाली में, जहाँ लाखों छात्र शामिल होते हैं, सीएम का यह आत्मीय पत्र किसी ढाई आखिरी शब्द से कम नहीं है। बोर्ड परीक्षा के नतीजों के बाद अक्सर खबरों में छात्रों द्वारा आत्महत्या जैसी दुखद घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के स्तर से निकला यह संदेश न केवल छात्रों को मानसिक राहत देगा, बल्कि समाज में शिक्षा और नंबरों को लेकर बनी सकारात्मक सोच को और मजबूती प्रदान करेगा।


























