UP News: उत्तर प्रदेश के लखनऊ के चिनहट इलाके में भरोसे और सत्ता के नाम पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को मुख्यमंत्री का सचिव बताने वाले एक जालसाज ने अपने साथी के साथ मिलकर एक कारोबारी से टेंडर दिलाने के नाम पर 3 लाख ठग लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे हुआ ठगी का खेल?
बता दें कि मटियारी निवासी राकेश कुमार यादव के अनुसार, उनकी मुलाकात विजेंद्र प्रताप सिंह और अशोक कुमार मिश्रा से हुई थी। बातचीत के दौरान विजेंद्र ने खुद को मुख्यमंत्री का सचिव बताते हुए सरकारी टेंडर दिलाने का भरोसा दिया। आरोप है कि इसी प्रभाव और संपर्क के नाम पर पीड़ित को झांसे में लिया गया। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने कानपुर मेडिकल कॉलेज में टेंडर दिलाने का वादा किया और 20 जून 2025 को अलग-अलग किस्तों में कुल ₹3 लाख वसूल लिए। पैसे देने के बाद न तो कोई टेंडर मिला और न ही किसी प्रक्रिया में प्रगति हुई।
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पैसे मांगे तो मिली धमकी
बता दें कि जब राकेश यादव को शक हुआ और उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोप है कि आरोपियों ने मुख्यमंत्री का नाम लेकर उन्हें जेल भिजवाने की धमकी दी। इस तरह पहले भरोसा जीतकर पैसे ऐंठने और फिर डराने की कोशिश की गई। चिनहट पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर दिनेश मिश्र के मुताबिक, आरोपियों की तलाश जारी है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में साफ हुआ है कि सरकारी टेंडर और मुख्यमंत्री कार्यालय का नाम लेकर सुनियोजित तरीके से ठगी की गई।


















