UP News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस विभाग के अंदरूनी कलह ने शर्मनाक रूप ले लिया है। गंगा एक्सप्रेसवे पर ड्यूटी से गायब एक हेड कांस्टेबल और ट्रैफिक पुलिस प्रभारी के बीच ‘शौच’ को लेकर इतनी जबरदस्त बहस हुई कि मामला सोशल मीडिया पर आग लगा गया। पलटवार में सिपाही द्वारा अवैध वसूली और ट्रकों के अवैध संचालन के गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद एसपी ने तत्काल एक्शन लेते हुए दोनों को लाइन हाजिर कर दिया है।
जाने पूरा मामला?
बता दें कि मंगलवार दोपहर गंगा एक्सप्रेसवे के इंटरचेंज पॉइंट (लहरावन गांव) पर तैनात हेड कांस्टेबल जय भगवान अपनी ड्यूटी पर नजर नहीं आए। ट्रैफिक पुलिस प्रभारी दुष्यंत बालियान जब औचक निरीक्षण के लिए वहां पहुंचे, तो उन्होंने सिपाही की गैरहाजिरी पर तुरंत रपट लिख दी।
जब सिपाही ने अपनी गैरहाजिरी का कारण बताया, तो मामला बिगड़ गया। जय भगवान का दावा था कि उसका पेट खराब था, इसलिए वह पास के ही पेट्रोल पंप पर शौच के लिए गया था। इस दलील पर प्रभारी दुष्यंत बालियान कथित तौर पर भड़क गए और अपमानजनक टिप्पणी करते हुए कह डाला कि मैंने तेरी पॉटी का ठेका नहीं ले रखा है। इसके बाद दोनों के बीच जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई, जिसका वीडियो किसी ने बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
सिपाही का पलटवार और गंभीर आरोप
हालांकि, मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। अपमान का बदला लेने के लिए हेड कांस्टेबल जय भगवान ने प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए। वायरल वीडियो में सिपाही साफ तौर पर दावा करते नजर आ रहे हैं कि दुष्यंत बालियान अवैध रूप से ट्रकों का संचालन करवाते हैं।
सिपाही ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान उसने एक अवैध तरीके से मिट्टी ले जा रहे डंपर को रोका था। उसका आरोप है कि प्रभारी के ट्रकों का चालान करने की वजह से दुष्यंत बालियान उससे निजी रंजिश रखते हैं। सिपाही ने कहा कि इसी चिढ़ के चलते उसकी एक मामूली मानवीय जरूरत (शौच) पर उसे बदनाम करने के लिए रपट लिखी गई और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।
एसपी ने पलटा एक्शन, दोनों को लाइन हाजिर
सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल होने और पुलिस की किरकिरी होने के बाद संभल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार बिश्नोई सख्त तेवर में नजर आए। एसपी ने तत्काल एक्शन लेते हुए हेड कांस्टेबल जय भगवान और ट्रैफिक प्रभारी दुष्यंत बालियान, दोनों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।
एसपी केके बिश्नोई ने बताया कि सिपाही की ड्यूटी पर गैरहाजिर रहने और उसके द्वारा लगाए गए अवैध वसूली के आरोपों को गंभीरता से लिया गया है। पूरे प्रकरण की गहराई से जांच के लिए विभागीय आदेश जारी कर दिए गए हैं।
जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह ड्यूटी से गायब रहने वाला सिपाही हो या फिर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और अवैध वसूली के आरोपों से घिरा ट्रैफिक प्रभारी, उसके खिलाफ कोई भी सख्त कार्रवाई किए जाने में बाधा नहीं रहेगी।


























