Delhi News:दिल्ली में नगर निगम और जिम्मेदार एजेंसियों की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। भलस्वां डेयरी इलाके में एक खुले नाले में गिरने से दो साल की एक मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। घटना 3 मई की बताई जा रही है। हादसे के बाद इलाके में गुस्से का माहौल है और लोगों ने खुले नालों को लेकर जमकर नाराजगी जताई है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, भलस्वां डेयरी थाने को सूचना मिली थी कि मुकुंदपुर इलाके में रहने वाली एक दो साल की बच्ची अचानक लापता हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और परिवार के साथ मिलकर आसपास के इलाके में बच्ची की तलाश शुरू की।
तलाशी अभियान के दौरान बच्ची को उसके घर से महज 15 मीटर की दूरी पर स्थित एक खुले नाले में डूबी हुई हालत में बरामद किया गया। आनन-फानन में उसे पास के बीजेआरएम (BJRM) हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। वहीं, शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया गया है।
पुलिस का क्या कहना है?
शुरुआती जांच में पुलिस को किसी तरह का आपराधिक पहलू सामने नहीं आया है। परिवार वालों ने भी अब तक किसी पर शक जाहिर नहीं किया है। पुलिस के अनुसार, पहली नजर में यह मामला पूरी तरह से एक हादसा प्रतीत हो रहा है। माना जा रहा है कि बच्ची घर के बाहर खेलते समय अनजाने में खुले नाले में गिर गई, जिससे डूबने के कारण उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने साफ किया है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो पाएगी। अगर परिवार की ओर से कोई शिकायत आती है, तो उसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खुले नालों ने ली जान, लोगों में आक्रोश
इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है, लेकिन साथ ही लोगों का गुस्सा भी फूट रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में कई जगह बड़े-बड़े नाले खुले पड़े हैं, जो किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकते हैं।
यह पहला मामला नहीं है जब खुले नाले ने किसी मासूम की जान ली है। इससे पहले भी दिल्ली और आसपास के इलाकों (नोएडा समेत) में ऐसे कई हादसे सामने आ चुके हैं। लोगों की सरकार और नगर निकाय से स्पष्ट मांग है कि इन जानलेवा खुले नालों को तुरंत ढका जाए और उचित सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी कोई त्रासदी न दोहराई जा सके।
























