संध्या समय न्यूज
Delhi News : अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार समझौते (US Trade Deal) और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में भारतीय युवा कांग्रेस ने सड़क पर उतरने का ऐलान कर दिया है। संगठन ने 16 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर से ‘संसद घेराव’ कार्यक्रम की घोषणा की है। शनिवार को दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में युवा कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए और दावा किया कि यह समझौता देश के हितों के खिलाफ है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठे बड़े सवाल
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा, राष्ट्रीय सचिव एवं दिल्ली सह-प्रभारी कृष्णा हरि और हैवरान कंसाना ने सरकार पर निशाना साधा। अक्षय लाकड़ा ने आरोप लगाया कि ‘एपस्टाइन फाइल’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके सहयोगी मंत्रियों के नाम सामने आने के तुरंत बाद भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी जल्दबाजी में इस डील को अंजाम देना सरकार के ‘दबाव में’ होने का संकेत है।
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किसानों और डिजिटल संप्रभुता को नुकसान का दावा
युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रस्तावित ट्रेड डील के तहत भारत का डेटा अमेरिका को सौंपे जाने की आशंका है, जिससे देश की डिजिटल संप्रभुता गंभीर खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने दावा किया कि इस समझौते से देश भर के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा, जबकि भारत का टेक्सटाइल उद्योग भी बुरी तरह प्रभावित होगा।
‘लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन स्वाभाविक’
एआई समिट के दौरान किए गए प्रदर्शन को लेकर संगठन पर लगे आरोपों पर पलटवार करते हुए लाकड़ा ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट और सेशन कोर्ट ने भी स्पष्ट किया है कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन होना स्वाभाविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि एआई समिट के विरोध के बाद कार्यकर्ताओं को परेशान किया गया, लेकिन उन्होंने डटकर मुकाबला किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समय संगठन का कोई भी कार्यकर्ता न तो न्यायिक हिरासत में है और न ही पुलिस कस्टडी में।
16 मार्च का होगा बड़ा प्रदर्शन
भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैवरान कंसाना ने जानकारी देते हुए कहा कि 16 मार्च को जंतर-मंतर पर होने वाला यह प्रदर्शन अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में होगा, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता शामिल होंगे और वे संसद घेराव करके अपना विरोध दर्ज कराएंगे।




















