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97 रन की विस्फोटक पारी के बाद छलका वैभव का दर्द

वैभव ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए महज 29 गेंदों पर 97 रन ठोक डाले, लेकिन शतक से महज तीन रन दूर रह गए। आउट होने के बाद जब वह ड्रेसिंग रूम में लौटे और फिर ब्रॉडकास्टर से बातचीत की, तो उनके चेहरे पर निराशा साफ झलक रही थी।

IPL 2026: वैभव सूर्यवंशी ने 29 गेंदों में मचाया तूफान, शतक से चूके

HIGHLIGHTS

  • क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ने से एक कदम दूर रह गए वैभव
  • IPL 2026 एलिमिनेटर में वैभव सूर्यवंशी का रौद्र रूप
  • 12 छक्के, 29 गेंद और अधूरा सपना, वैभव ने जीता दिल
  • आउट होने के बाद वैभव ने बताया कहां हो गई सबसे बड़ी गलती
  • राजस्थान की हार के बीच चमका वैभव सूर्यवंशी का सितारा

Vaibhav Suryavanshi IPL 2026: आईपीएल 2026 का दूसरा एलिमिनेटर मुकाबला याद रखा जाएगा, शायद उसके नतीजे के कारण भी, लेकिन ज्यादातर एक युवा ओपनर की उस विस्फोटक पारी के कारण जिसने क्रिकेट के हर उस समीकरण को ध्वस्त कर दिया जो गेंदबाजों ने सोचा था। राजस्थान रॉयल्स (RR) के धुरंधर वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में ऐसा तांडव बरपाया कि दर्शकों के होश उड़ गए। लेकिन, क्रिकेट एक अजीबोगरीब खेल है। जहां 97 रन की पारी को भी अधूरा माना जाता है, वहीं ‘सो’ (100) का आंकड़ा खिलाड़ी को सोने पे सुहागा लगाता है। ठीक यही हाल वैभव का हुआ।

वैभव ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए महज 29 गेंदों पर 97 रन ठोक डाले, लेकिन शतक से महज तीन रन दूर रह गए। आउट होने के बाद जब वह ड्रेसिंग रूम में लौटे और फिर ब्रॉडकास्टर से बातचीत की, तो उनके चेहरे पर निराशा साफ झलक रही थी। उन्होंने खुलकर बताया कि आखिर वो कौन सी गलती हुई जिससे उन्हें क्रिस गेल का 13 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने से चूकना पड़ा।

उस एक शॉट ने छीन लिया इतिहास

आरआर की पारी खत्म होने के बाद एक इंटरव्यू के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने अपने दिल की बात कही। उन्होंने बताया कि उन्हें पता था कि यह नॉकआउट गेम है और यहां बड़ी पारी की जरूरत है। लेकिन, उस आखिरी शॉट को लेकर उनका दर्द साफ देखा जा सकता था। वैभव ने कहा, “मैंने वह शॉट फील्डर को देखकर खेला, और इसीलिए मैंने मिसटाइम किया। अगर मैं थर्ड मैन की तरफ जाता, तो वह आसानी से क्लियर हो जाता। लेकिन मैंने उसे स्ट्रेट मारने की कोशिश की, और इसीलिए मेरा शॉट मिस हो गया।”

यह उस पल का दर्द था जब वैभव 97 पर खेल रहे थे। उन्हें सिर्फ तीन रनों की दरकार थी और वर्ल्ड रिकॉर्ड उनके नाम होता। वह आईपीएल इतिहास के सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बनते। लेकिन, फील्डर को देखकर खेली गई उस चतुराई भरी गेंद उन पर भारी पड़ी और वे लॉन्ग ऑन पर कैच आउट हो गए।

कोचों की सलाह ने बनाया मैच

इस हार के बावजूद वैभव ने अपनी मानसिकता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मैच से पहले कोचिंग स्टाफ की सलाह ने उन्हें सही रास्ते पर रखा। उन्होंने कहा, “मेरे दिमाग में था कि यह एक नॉकआउट गेम है और बड़ा मैच है। लेकिन सभी कोचों ने मुझसे कहा था कि मैं जो अभ्यास में कर रहा था, वही करूं, गेम का मजा लूं, और इस मैच का दबाव न लूं।” यही सोच उन्हें इतनी आक्रामक बल्लेबाजी करने में मदद की।

गेल का रिकॉर्ड तोड़ने से चूके, लेकिन एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया

वैभव सूर्यवंशी की इस पारी की सबसे बड़ी बात यह थी कि उन्होंने तूफानी अंदाज में रन बनाए। उन्होंने मात्र 29 गेंदों पर 12 छक्के और 5 चौके की मदद से 97 रन जड़ दिए। अगर वे 30वीं गेंद तक आउट नहीं होते और शतक पूरा करते, तो वे क्रिस गेल (Chris Gayle) का 2013 से चला आ रहा रिकॉर्ड तोड़ देते। गेल ने पुणे में 30 गेंदों में सबसे तेज शतक ठोका था, जो आज तक कायम था। वैभव इस रिकॉर्ड को तोड़ने से बस 3 रन और 1 गेंद दूर रह गए।

हालांकि, वैभव पूरी तरह से खाली हाथ नहीं लौटे। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने क्रिस गेल का एक और बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया। उन्होंने एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के गेल के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। इस पारी के 12 छक्कों के साथ, आईपीएल 2026 में वैभव के छक्कों की कुल संख्या 65 हो गई है, जबकि क्रिस गेल ने साल 2012 में 59 छक्के लगाए थे। यह उनके करियर का एक बड़ा मील का पत्थर है।

वैभव के आउट होने के बाद थमी राजस्थान की रफ्तार

वैभव सूर्यवंशी 97 रन बनाकर पहले विकेट के रूप में आउट हुए। उस समय राजस्थान रॉयल्स का स्कोर मात्र 8 ओवर में 125 रन था। स्टेडियम में हर किसी को लग रहा था कि टीम 300 रन के पार जाएगी। लेकिन, क्रिकेट में एक विकेट कभी-कभी पूरी गेम का नजारा बदल देता है। वैभव के जाते ही पवेलियन में सन्नाटा पसर गया।

इसके बाद एसआरएच के गेंदबाजों ने शानदार वापसी की। उन्होंने गेंदों में तरीके बदले और रनों की रफ्तार पर लगाम लगा दी। आरआर के बल्लेबाज वैभव के आउट होने के बाद संभल नहीं पाए और न ही आक्रामक रह पाए। आखिरी 12 ओवर में टीम सिर्फ 118 रन ही जोड़ पाई। खासकर आखिरी 5 ओवर में टीम मात्र 36 रन बना सकी और आखिरी ओवर में तो सिर्फ 5 रन निकले। यह देखकर साफ लगा कि वैभव का विकेट कितना महत्वपूर्ण था।

संजू सैमसन और अन्य बल्लेबाजों ने कुछ रन जरूर जोड़े, लेकिन वैभव की रफ्तार को बरकरार नहीं रख पाए। अंत में, 20 ओवर की समाप्ति पर राजस्थान रॉयल्स की टीम 8 विकेट पर 243 रन ही बना सकी। शुरुआती 8 ओवर में 125 रन देखकर जो स्कोर उम्मीद की जा रही थी, वह टीम वहां तक नहीं पहुंच पाई।

एक सितारे का जन्म

हालांकि राजस्थान रॉयल्स ने मैच में शानदार शुरुआत के बावजूद अंत में थोड़ा पिछड़ते हुए नजर आए, लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने साबित कर दिया कि वह भविष्य के सुपरस्टार हैं। 97 रन की इस पारी ने उन्हें दुनिया भर में पहचान दिला दी है। शायद वह वर्ल्ड रिकॉर्ड चूक गए हों, लेकिन क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में उन्होंने एक अलग ही जगह बना ली है। वैभव के इस प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि आने वाला समय टी-20 क्रिकेट का युग है, और वैभव सूर्यवंशी इसी युग के सबसे बड़े चेहरों में से एक होंगे।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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