भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में अपनी मेजबानी के कौशल को साबित कर रहा है। क्रिकेट की बेहद लोकप्रिय संस्कृति वाले देश में अब अन्य खेलों को भी वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। दिल्ली में हाल ही में संपन्न हुई वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप की सफल आयोजन ने इस बात को और पुख्ता किया है कि भारत किसी भी बड़े खेल आयोजन को बेहतरीन तरीके से अंजाम देने में सक्षम है।
अब इस कड़ी में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ने जा रही है। भारत अपने इतिहास में पहली बार हुंडई वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज की मेजबानी करने जा रहा है, जो पैरा खेलों के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
साबरमती रिवरफ्रंट बनेगा गवाह
यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 5 से 9 सितंबर तक अहमदाबाद के सुप्रसिद्ध साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित किया जाएगा। इस मुकाबले में दुनिया के 20 अलग-अलग देशों के 100 से अधिक दिव्यांग तीरंदाज अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे। शानदार रिवरफ्रंट पर होने वाला यह आयोजन दर्शकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होगा।
इस आयोजन को लेकर गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने काफी उत्साह जताया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।
उनका कहना है कि अहमदाबाद में इस तरह की वैश्विक सीरीज का आयोजन न सिर्फ बड़े खेल समारोहों की मेजबानी के लिए राज्य की बढ़ती पहचान को और मजबूत करेगा, बल्कि पैरा-तीरंदाजी को एक अंतरराष्ट्रीय मंच भी प्रदान करेगा। इसके अलावा, यह इवेंट पैरा-एथलीटों को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का सुनहरा अवसर भी देगा।
2026 सीरीज का तीसरा चरण होगा अहमदाबाद में
गौर करने वाली बात यह है कि अहमदाबाद में होने वाला यह आयोजन 2026 हुंडई वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज का तीसरा चरण है। इस सीरीज का पहला चरण अप्रैल महीने में थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित हुआ था। इसके बाद दूसरा चरण 30 जून से 4 जुलाई के बीच चेकिया के नोवे मेस्टो शहर में संपन्न हो चुका है।
सीरीज का चौथा और अंतिम चरण अक्टूबर में चिली के सैंटियागो में खेला जाएगा। यानी चार महाद्वीपों में फैली इस सीरीज में भारत का नाम शामिल होना अपने आप में गर्व की बात है।
किन श्रेणियों में होंगे मुकाबले?
आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (AAI) की ओर से गुजरात सरकार, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के सहयोग से आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट में कुल चार श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा होगी:
- रिकर्व ओपन
- पारंपरिक ओलंपिक शैली की तीरंदाजी
- कंपाउंड ओपन – आधुनिक तकनीक वाले धनुष के साथ प्रतिस्पर्धा
- W1 श्रेणी – गंभीर शारीरिक चुनौतियों वाले एथलीटों के लिए
- विजुअली इम्पेयर्ड (दृष्टिबाधित) – कमजोर दृष्टि वाले तीरंदाजों के लिए
दुनिया के 20 देशों के धावक दिखाएंगे ताकत
इस मेगा इवेंट में भाग लेने वाले देशों की सूची काफी प्रभावशाली है। इसमें भारत के अलावा चीन, ग्रेट ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, हंगरी, इंडोनेशिया, ईरान, कजाकिस्तान, मैक्सिको, स्लोवाकिया, अमेरिका, उज़्बेकिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, साइप्रस, चेकिया, इराक, रूस और श्रीलंका शामिल हैं। यानी एशिया से लेकर यूरोप और अमेरिका तक के बेहतरीन पैरा-तीरंदाज अहमदाबाद में आपस में भिड़ेंगे।
भारतीय टीम: 29 धुरंधर तीरंदाजों की ताकतवर टुकड़ी
मेजबान भारत की ओर से कुल 29 पैरा-तीरंदाज इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे। भारतीय दल में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिनकी मौजूदगी देश की मेडल संभावनाओं को काफी मजबूत बनाती है:
- हरविंदर सिंह – पेरिस 2024 पैरालंपिक के चैंपियन, जिनका नाम भारतीय पैरा-तीरंदाजी का सबसे बड़ा सितारा माना जाता है।
- शीतल देवी – वर्ल्ड पैरा आर्चरी चैंपियन और पैरालंपिक मेडलिस्ट, जो अपने सटीक निशाने के लिए जानी जाती हैं।
- राकेश कुमार – अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित और वर्ल्ड पैरा आर्चरी के मेडल विजेता।
- श्याम सुंदर स्वामी – अनुभवी पैरालंपियन, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
भारतीय टीम इस टूर्नामेंट की तैयारी में जुटी है और वे गांधीनगर स्थित SAI के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। यहां वर्ल्ड-क्लास प्रशिक्षण सुविधाओं के साथ खिलाड़ियों को बेहतरीन वातावरण मिल रहा है।
भारत में पैरा खेलों को मिल रही नई उड़ान
पिछले कुछ वर्षों में भारत में पैरा खेलों को पहले से कहीं ज्यादा सरकारी सहयोग और समाजिक सम्मान मिला है। पैरालंपिक खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन हर बार पिछले रिकॉर्ड को पार कर रहा है। ऐसे में अहमदाबाद में होने वाली इस सीरीज देश के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा साबित होगी।
घरेलू धरती पर विश्व स्तर की प्रतिस्पर्धा का सामना करने से भारतीय खिलाड़ियों को बड़े आयोजनों का अनुभव मिलेगा और युवा पीढ़ी में भी पैरा खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी।


























