अमेरिका-ईरान तनाव और महंगे कच्चे तेल का कहर: सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट, बाजार में हाहाकार

Share Market Crash: शुक्रवार को कारोबार शुरू होते ही बीएसई सेंसेक्स 180 अंकों की भारी गिरावट के साथ 77,483 के स्तर पर खुला। वहीं, निफ्टी 50 ने भी 72 अंक की गिरावट दर्ज कर 24,100 के स्तर पर शुरुआत की। यह लगातार दूसरा दिन है जब बाजार ने निराश किया है।

जार में भारी बिकवाली के बीच इंफोसिस ने दिखाई चमक

HIGHLIGHTS

  • सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट, बाजार में हाहाकार
  • कच्चा तेल 106 डॉलर के पार, शेयर बाजार लुढ़का
  • अमेरिका-ईरान तनाव और महंगे तेल ने बिगाड़ा बाजार का मिजाज
  • मजबूत डॉलर और तेल की मार, घरेलू शेयर बाजार निराश
  • वैश्विक बाजारों का दबाव, सेंसेक्स 180 अंक टूटकर खुला

Share Market Crash: कारोबारी हफ्ते की शुरुआत घरेलू शेयर बाजार (Share Market) के निवेशकों के लिए बेहद निराशाजनक रही। वैश्विक स्तर पर बढ़ते जोखिम और कच्चे तेल की आग में सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान के साथ खुले। बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली।

सेंसेक्स-निफ्टी का शुरुआती हाल

शुक्रवार को कारोबार शुरू होते ही बीएसई सेंसेक्स 180 अंकों की भारी गिरावट के साथ 77,483 के स्तर पर खुला। वहीं, निफ्टी 50 ने भी 72 अंक की गिरावट दर्ज कर 24,100 के स्तर पर शुरुआत की। यह लगातार दूसरा दिन है जब बाजार ने निराश किया है। इससे पहले गुरुवार को भी बाजार में भारी दबाव देखने को मिला था, जब सेंसेक्स 852 अंक गिरकर 77,664 पर और निफ्टी 205 अंक टूटकर 24,173 पर बंद हुआ था।

वैश्विक बाजारों का मिला-जुला रुख

वैश्विक स्तर पर निवेशकों की धारणा कमजोर बनी हुई है। एशियाई शेयर बाजारों में जहां जापान के निक्केई और टॉपिक्स इंडेक्स में हल्की बढ़त देखने को मिली, वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग के बाजार भारी दबाव में नजर आए। अनिश्चितता का माहौल बना रहा। वहीं, पिछले सत्र में अमेरिकी बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जहां डॉऊ जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक सभी नीचे बंद हुए, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी साफ दिखा।

106 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल, बढ़ाई भारत की चिंता

बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें रहीं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) तेजी से 106 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है। WTI क्रूड भी मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है। भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए यह स्थिति घातक साबित हो सकती है। तेल की बढ़ती कीमतों से देश में महंगाई (इन्फ्लेशन) बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है, साथ ही चालू खाते के घाटे (CAD) पर भी भारी दबाव पड़ने की आशंका है। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर (US Dollar) में लगातार मजबूती आ रही है। डॉलर इंडेक्स 98.81 के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे उभरते बाजारों (Emerging Markets) से पूंजी निकासी (FII Outflow) का दबाव बढ़ गया है।

कमोडिटी मार्केट: सुरक्षित निवेश की तलाश

कच्चे तेल के उलट, कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। हालांकि, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए निवेशक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) विकल्पों की ओर झुकाव बनाए हुए हैं।

कॉर्पोरेट मोर्चे पर इंफोसिस ने दिखाई चमक

इस बीच, कॉर्पोरेट सेक्टर से कुछ राहत भरी खबर आई है। देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस (Infosys) ने शानदार तिमारी नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का शुद्ध लाभ 27.8 प्रतिशत की उछाल के साथ ₹8,501 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी ने निवेशकों को ₹25 प्रति शेयर डिविडेंड देने की घोषणा भी की है, जिसे आईटी सेक्टर के लिए एक बड़े सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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