Delhi News: दिल्ली में अलग-अलग राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल को पुलिस ने हिरासत में लिया। ममता बनर्जी के साथ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई वरिष्ठ नेता भी हिरासत में लिए गए, जबकि केजरीवाल के साथ आप पार्टी नेता संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और दुर्गेश पाठक को डिटेन किया गया। घटनाओं के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को लेकर चिंता जताई।
साउथ एवेन्यू में प्रदर्शन के दौरान TMC नेताओं को हिरासत
ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अन्य नेता दिल्ली के साउथ एवेन्यू इलाके में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान दिल्ली पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने ममता बनर्जी को हिरासत में लिया। उनके साथ डेरेक ओ’ब्रायन, डोला सेन, प्रतिमा मंडल और समीरुल इस्लाम को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
प्रदर्शनकारियों को प्रिजन वैन में बैठाकर पुलिस स्टेशन ले जाया गया। हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई के बाद TMC ने एक्स पर पोस्ट कर पुलिस से सवाल किया कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को गिरफ्तार करना कब से सामान्य बात हो गई है।
पार्टी ने अपने बयान में कहा कि शांतिपूर्ण विरोध के दौरान बातचीत करने के बजाय गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मुताबिक, ऐसी कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिकों के विरोध करने के अधिकार को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में पुलिस की ओर से इस कार्रवाई के कारणों पर विस्तृत आधिकारिक बयान शामिल नहीं है।
जंतर-मंतर की ओर मार्च के दौरान अरविंद केजरीवाल डिटेन
इसी बीच, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल अपनी पार्टी के नेताओं के साथ जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे। मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया। उनके साथ संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और दुर्गेश पाठक को भी डिटेन किया गया।

हिरासत में लिए जाने के बाद केजरीवाल ने एक वीडियो जारी किया। उसमें उन्होंने कहा, “देश का युवा जाग चुका है। हम मोदी जी की तानाशाही से डरने वाले नहीं हैं। अब ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही पड़ेगा। लोग अब कथित वोट चोरी को बर्दाश्त करने वाले नहीं हैं।”
केजरीवाल के बयान में लगाए गए आरोप उनके अपने हैं। उन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं, बल्कि प्रदर्शन के दौरान दिए गए राजनीतिक बयान के रूप में देखा जाना चाहिए। उनके वीडियो के बाद आप पार्टी नेताओं और समर्थकों ने भी हिरासत की कार्रवाई को लेकर प्रतिक्रिया दी।
दोनों पार्टियों ने विरोध के अधिकार पर जताई चिंता
दिल्ली में हुई इन घटनाओं ने राजनीतिक प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर बहस तेज कर दी है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा मुद्दा बताया, जबकि केजरीवाल ने अपने वीडियो में कथित वोट चोरी और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई।
दोनों घटनाएं अलग-अलग राजनीतिक प्रदर्शनों से जुड़ी थीं। एक ओर साउथ एवेन्यू में TMC नेता विरोध कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर आप पार्टी नेता जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे। दोनों समूहों के नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई और हिरासत में लिए गए नेताओं को कहां ले जाया गया।


























