रनों की बारिश के बाद गंभीर नाराज़, रांची की पिच पर कही बड़ी बात

भारत-वेस्टइंडीज के दूसरे टी20 में रनों की बारिश के बाद हेड कोच गौतम गंभीर ने रांची की पिच और भारतीय गेंदबाजी पर बात की। जानिए मैच का पूरा हाल।

रांची में रनों की बारिश, पिच पर गंभीर की दोटूक बात

HIGHLIGHTS

  • रांची पिच पर गंभीर क्यों भड़के?
  • 250 रन बनाकर भी भारत हारा
  • गंभीर ने पिच पर उठाए सवाल
  • होप-रदरफोर्ड ने भारत से छीनी जीत

रांची में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में रनों का ऐसा तूफान आया कि भारतीय गेंदबाजों के लिए मैच पर पकड़ बनाए रखना मुश्किल हो गया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 249 रन बनाए, लेकिन वेस्टइंडीज ने 18.3 ओवर में 4 विकेट खोकर 251 रन बना दिए और मुकाबला छह विकेट से जीत लिया।

मैच के बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने रांची की पिच पर अपनी राय रखी। उनका कहना था कि क्रिकेट में ऐसा मुकाबला होना चाहिए, जहां बल्लेबाजों के साथ गेंदबाजों को भी अपना कौशल दिखाने का उचित मौका मिले।

यह मुकाबला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे ज्यादा रन वाले मैचों में दूसरे स्थान पर पहुंच गया। दोनों टीमों ने मिलकर कुल 500 रन बनाए। इस सूची में पहले स्थान पर दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज का 2009 में सेंचुरियन में खेला गया मैच है, जिसमें कुल 517 रन बने थे।

रांची की पिच पर क्या बोले गौतम गंभीर?

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने पिच और परिस्थितियों को लेकर संतुलित मुकाबले की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दर्शक भी बल्ले और गेंद के बीच अच्छी टक्कर देखना चाहते हैं और टीम भी यही चाहती है। गंभीर के मुताबिक, गेंदबाज भी टीम का अहम हिस्सा हैं और उनके करियर तथा मेहनत को ध्यान में रखते हुए ऐसी परिस्थितियां होनी चाहिए, जहां उन्हें मुकाबला करने का मौका मिले।

गंभीर ने कहा कि वे ऐसा मैच देखना चाहते हैं जिसमें बल्लेबाज और गेंदबाज, दोनों के लिए चुनौती हो। जब मुकाबला बराबरी का होता है, तब क्रिकेट का बेहतर खेल देखने को मिलता है। रांची में बने बड़े स्कोर ने इस बहस को फिर सामने ला दिया कि बल्लेबाजी के अनुकूल पिचों पर गेंदबाजों के लिए संतुलन कैसे बनाया जाए।

हालांकि, गंभीर ने सिर्फ पिच को नतीजे के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया। उन्होंने साफ किया कि भारतीय टीम को अपनी गेंदबाजी की कमियों पर भी काम करना होगा। उनके अनुसार, बल्लेबाजी के अनुकूल विकेट और ओस जैसी मुश्किल परिस्थितियों में भी गेंदबाजों को बेहतर समाधान तलाशने होंगे।

गंभीर ने भारतीय गेंदबाजी पर भी जताई चिंता

गंभीर ने कहा कि भारत के विश्व चैंपियन होने का मतलब यह नहीं है कि टीम की कमियों पर चर्चा न हो। इसके उलट, खिताब जीतने के बाद टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद और बढ़ जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर टीम लगातार सुधार करना चाहती है, तो किसी भी कमजोरी को नजरअंदाज या छिपाया नहीं जा सकता।

रांची में भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत अच्छी की थी। भारत ने पावरप्ले के भीतर वेस्टइंडीज के तीन विकेट निकालकर मैच पर मजबूत पकड़ बना ली थी। लेकिन इसके बाद शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड ने शानदार साझेदारी की और मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया। गंभीर ने माना कि सपाट पिच और ओस में गेंदबाजी करना आसान नहीं होता, लेकिन ऐसी परिस्थितियों से निपटने का तरीका टीम को ढूंढना होगा—खासकर तब, जब शुरुआत में विकेट मिल चुके हों।

होप और रदरफोर्ड की साझेदारी ने पलटा मैच

भारत की ओर से बड़ा स्कोर खड़ा होने के बाद भी वेस्टइंडीज ने लक्ष्य का पीछा आक्रामक अंदाज में किया। शुरुआती झटकों के बावजूद शाई होप और रदरफोर्ड ने भारतीय गेंदबाजी पर दबाव बनाए रखा। दोनों के बीच हुई 120 रन की साझेदारी ने मेहमान टीम को जीत की राह पर ला दिया।

रदरफोर्ड ने 37 गेंदों में 84 रन बनाए, जबकि कप्तान शाई होप ने 45 गेंदों पर नाबाद 102 रन की पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी के सामने भारत के गेंदबाज रन रोकने में नाकाम रहे। वेस्टइंडीज ने 18.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर छह विकेट से जीत दर्ज की और पांच मैचों की टी20 सीरीज 1-1 से बराबर कर दी।

तीसरा टी20 इंदौर में

सीरीज का पहला मुकाबला भारत ने आठ विकेट से जीता था, लेकिन रांची में मिली हार के बाद दोनों टीमें अब बराबरी पर हैं। सीरीज का तीसरा टी20 मैच 11 अक्टूबर को इंदौर में खेला जाएगा। भारतीय टीम के लिए अगला मुकाबला अहम होगा—उसे अपनी बल्लेबाजी की लय बनाए रखने के साथ गेंदबाजी में भी सुधार दिखाना होगा।

रांची के मैच ने एक ओर टी20 क्रिकेट में बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी का रोमांच दिखाया, तो दूसरी ओर पिच के संतुलन और गेंदबाजी की चुनौतियों पर चर्चा भी तेज कर दी। गंभीर की बात का सार यही रहा कि रन बनना खेल का हिस्सा है, लेकिन मुकाबला तभी पूरा लगता है जब गेंदबाजों को भी मैच में असर डालने का अवसर मिले।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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