फाउंटन ब्रिज पर आत्महत्या की कोशिश कर रहे एक दंपती और उनके दो छोटे बच्चों की जान बचाने वाले पुलिसकर्मियों को परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने सम्मानित किया। पुलिस हेड कांस्टेबल संतोष कोकरे और कांस्टेबल मोहिते ने समय रहते मौके पर पहुंचकर परिवार को सुरक्षित बचाया और उन्हें समझाइश देकर संभावित अनहोनी टाल दी।
यह घटना 15 सितंबर 2026 को फाउंटन ब्रिज इलाके में हुई। जानकारी मिलने के बाद वर्सोवा बीट मार्शल पर तैनात दोनों पुलिसकर्मी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने संकट में फंसे दंपती और बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। इसके बाद परिवार से बातचीत कर उन्हें भावनात्मक सहारा दिया और स्थिति को संभाला।
समय पर पहुंचकर बचाई चार लोगों की जान
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आर्थिक परेशानियों और पारिवारिक तनाव के चलते दंपती बेहद कठिन दौर से गुजर रहा था। इसी तनाव के बीच वे अपने दो छोटे बच्चों के साथ आत्महत्या का प्रयास करने की तैयारी में थे। सूचना मिलते ही पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए कार्रवाई की। उनकी सतर्कता और त्वरित हस्तक्षेप से चारों की जान बच गई।
ऐसी घटनाओं में शुरुआती कुछ मिनट बेहद अहम होते हैं। पुलिसकर्मियों ने न केवल परिवार को सुरक्षित किया, बल्कि धैर्यपूर्वक बातचीत करके उन्हें तत्काल मदद और सहारे की जरूरत का एहसास भी कराया। इस संवेदनशील कार्रवाई से एक संभावित त्रासदी टल गई।
मंत्री प्रताप सरनाईक ने की पुलिसकर्मियों की सराहना
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने हेड कांस्टेबल संतोष कोकरे और कांस्टेबल मोहिते की बहादुरी, तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण की प्रशंसा की। उन्होंने दोनों पुलिसकर्मियों का सम्मान करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में उनकी सूझबूझ और समय पर की गई कार्रवाई सराहनीय है।

पुलिस का काम केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि जरूरत के समय नागरिकों की सहायता करना भी है। फाउंटन ब्रिज की इस घटना में दोनों पुलिसकर्मियों ने जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करते हुए इसी भावना का परिचय दिया। उनके प्रयासों से एक परिवार को सुरक्षित रहने और मदद पाने का अवसर मिला।
आर्थिक और पारिवारिक तनाव में मदद लेना जरूरी
आर्थिक संकट या पारिवारिक तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए समय पर सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे हालात में किसी भरोसेमंद व्यक्ति, परिवार के सदस्य, डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करना मददगार हो सकता है। संकट की आशंका दिखने पर स्थानीय आपातकालीन सेवाओं से तुरंत संपर्क करना चाहिए। किसी व्यक्ति को अकेला न छोड़ना और बिना आलोचना किए उसकी बात सुनना भी सहायता का अहम हिस्सा है।
फाउंटन ब्रिज पर हुई घटना ने एक बार फिर दिखाया कि सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील संवाद से गंभीर संकट को टाला जा सकता है। हेड कांस्टेबल संतोष कोकरे और कांस्टेबल मोहिते का सम्मान उन पुलिसकर्मियों के योगदान को रेखांकित करता है, जो कठिन परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।


























