UP News: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक विशेष सिख सम्मेलन के दौरान उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। गुरु पर्व के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने सिख समाज को आश्वासन देने के साथ-साथ राम मंदिर चंदा घोटाले, बढ़ते साइबर अपराध, किसानों की समस्याओं और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर योगी सरकार और केंद्र सरकार को घेरा। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
सिख समाज के प्रति सम्मान
सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी की सत्ता में आने पर सिख भाई-बहनों की जमीन, सम्मान और उनके अधिकारों की पूरी सुरक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय अपनी अदम्य बहादुरी, कड़ी मेहनत और देशप्रेश के लिए विश्व स्तर पर जाना जाता है। उनके परिश्रम और साहस से न केवल उनके समुदाय का, बल्कि पूरे भारत का मान-सम्मान बढ़ा है। अखिलेश ने यह भी स्पष्ट किया कि सपा की सरकार बनने पर सिख समाज को राजनीतिक निर्णयों में उचित भागीदारी देकर उन्हें सशक्त बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिख समाज का सपा से जुड़ना पार्टी को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।
राम मंदिर चंदा घोटाले पर साधा
इस दौरान अखिलेश यादव ने सबसे ज्यादा निशाना अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े भूमि लेन-देन और चंदा घोटाले पर साधा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के पास स्थित एक बड़े मंदिर की जमीन को किस कीमत पर खरीदा गया और उसे कितने गुना दाम पर बेचा गया, यह पूरी जानकारी अब जनता के सामने है। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि इस बार भाजपा को न तो चंदा मिल रहा है और न ही चढ़ावा। यह घोटाला अब गांव-गांव, घर-घर पहुंच चुका है।
उन्होंने कहा कि मर्यादा का पहला नाम प्रभु श्रीराम है और दूसरा नाम संविधान है। भाजपा ने आस्था, संविधान और मर्यादा—तीनों के साथ विश्वासघात किया है। राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े ये सारे मामले सामने आएंगे, क्योंकि यह इनके चरित्र का हिस्सा है। मैं उम्मीद करता हूं कि प्रभु श्रीराम इन्हें माफ नहीं करेंगे।
साइबर फ्रॉड हत्याकांड पर सरकार को घेरा
उत्तर प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता जताते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि यूपी तेजी से देश का साइबर फ्रॉड का सबसे बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। हाल ही में लखनऊ के समिट बिल्डिंग में हुई कार्रवाई केवल बर्फ की एक छोटी सी चोटी है। लखनऊ सहित प्रदेश के कई अन्य शहरों में बड़े पैमाने पर ठगी के गिरोह सक्रिय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मिलीभगत के चलते आम आदमी की गाढ़ी कमाई इंटरनेट के जरिए लूटी जा रही है और बड़ी संख्या में मामले तक दर्ज नहीं किए जा रहे।
इसके साथ ही उन्होंने सिद्धार्थनगर के कपिलवस्तु क्षेत्र में 24 अप्रैल को हुई संदीप यादव हत्याकांड का मुद्दा उठाया। अखिलेश ने कहा कि इस मामले में भाजपा विधायक के रिश्तेदार का नाम सामने आने के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने भाजपा के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावे की खिंचाई करते हुए कहा, ‘भाजपा अब सीधे थाने चला रही है। पुलिस विभाग का काम रह गया है—हथेली गरम और पुलिस नरम।’
अयोध्या एयरपोर्ट की जमीन और खाद संकट
अखिलेश यादव ने अयोध्या एयरपोर्ट के निर्माण के लिए किसानों से अधिग्रहीत की गई जमीन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपजाऊ भूमि का न तो बाजार भाव और न ही उचित मुआवजा दिया गया। सपा ने इस मुद्दे को कई प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उठाया, लेकिन सरकार कानों पर रूमाल डाले हुए है।
खाद्यान्न सुरक्षा को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। अखिलेश ने कहा कि खेती का हर काम समयबद्ध होता है। धान की रोपाई का समय चल रहा है, लेकिन प्रदेश भर में खाद की भयंकर कमी है। जल्द ही आलू, गेहूं, मसूर और सरसों की बुवाई शुरू होने वाली है। यदि समय पर खाद नहीं मिली तो किसानों को आर्थिक तौर पर बहुत बड़ा झटका लगेगा। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, ‘यदि प्रधानमंत्री ने अपना विमान ईरान में उतारने की बजाय देश के किसानों की समस्याओं को समझने में लगाया होता, तो आज देश के किसानों को खाद के लिए इतना संघर्ष नहीं करना पड़ता।’























