Energy Dose-26:भारत के विकसित और सशक्त राष्ट्र बनने का सपना तभी साकार होगा, जब हम अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित बनाएं। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए, ज्योति बाबा के नेतृत्व में श्री श्री ज्योति बाबा के स्वैच्छिक नशा मुक्ति परिवार आंदोलन ने कानपुर से उन्नाव तक एक नई ऊर्जा के साथ शुरुआत की है। यह मुहिम विशेष रूप से बच्चों को नशे, प्रदूषण, कुपोषण, हिंसा, प्लास्टिक उपयोग और बाल मजदूरी जैसी सामाजिक बुराइयों से बचाने के लिए चलायी जा रही है, ताकि देश का भविष्य स्वस्थ और संस्कारित बन सके।
कार्यक्रम का उद्देश्य और दिशा
एनर्जी डोज-26 नामक इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है बच्चों में जागरूकता फैलाना और उन्हें नशा मुक्त जीवन की ओर प्रेरित करना। इस कार्यक्रम के तहत, 14 जुलाई से शुरू होकर, स्कूलों में जागरूकता सत्र का आयोजन किया जाएगा। इन सत्रों का मकसद है, बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों से परिचित कराना, साथ ही उन्हें योग, संस्कार और सकारात्मक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना। यह अभियान न केवल बच्चों के लिए, बल्कि उनके अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी एक जागरूकता का माध्यम है, ताकि समाज में यह संदेश फैल सके कि नशा और प्रदूषण हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा नहीं हैं।
स्कूलों में जागरूकता और समर्थन
कानपुर और उन्नाव के प्रमुख स्कूलों जैसे सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, डीएसएन पब्लिक स्कूल शुक्लागंज, श्री आदर्श विद्यालय इंटर कॉलेज, अचलगंज आदि में इस मुहिम का स्वागत किया गया है। स्कूल प्रबंधकों, प्राचार्यों और शिक्षकों ने इस आंदोलन का समर्थन करते हुए, इसे time की जरूरत माना है। स्कूल प्रबंधकों आशुतोष शुक्ला, प्रबंधक डीएसएन पब्लिक स्कूल, शुक्लागंज, कमल वर्मा और नील कमल दीक्षित ने कहा कि आने वाले दिनों में, उन्नाव के हर विधानसभा क्षेत्र के 10-10 स्कूलों में एनर्जी डोज सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से लाखों बच्चों को नशा मुक्ति, योग और संस्कार का संदेश दिया जाएगा।
बच्चों और अभिभावकों के लिए संजीवनी
श्री श्री ज्योति बाबा ने अपने वक्तव्य में कहा कि यदि हमें 2047 तक भारत को विश्व गुरु बनाना है, तो हमें आज ही से अपने बच्चों को स्वस्थ, संस्कारी और नशामुक्त बनाना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्कूल ही वह पहली पाठशाला है, जहां से ‘JOY IN LIFE’ का मंत्र दिया जा सकता है। नशा मुक्त बच्चा ही मजबूत और विकसित भारत की नींव रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आज जब नशा ‘स्टाइल’ बन चुका है और प्रदूषण आदत, तो इस आंदोलन से बच्चों और अभिभावकों दोनों को नई ऊर्जा और जागरूकता मिलेगी।
भविष्य की योजनाएँ और कार्यक्रम
आने वाले दिनों में, उन्नाव के हर विधानसभा क्षेत्र के 10-10 स्कूलों में नियमित रूप से एनर्जी डोज सत्र संचालित किए जाएंगे। इन सत्रों में बच्चों को नशा मुक्त जीवन के साथ-साथ योग, संस्कार और स्वस्थ जीवनशैली का प्रशिक्षण भी मिलेगा। यह पहल लाखों बच्चों को नशे से दूर रखने, उन्हें सही मार्ग पर चलाने और उनके संपूर्ण विकास में मददगार साबित होगी। इस अभियान का उद्देश्य है, बच्चों में सकारात्मक सोच और जीवन के प्रति सम्मान जागरूकता पैदा करना।
इस मुहिम को समाज और अभिभावकों का भी समर्थन प्राप्त हो रहा है। स्कूल प्रबंधकों और शिक्षकों का मानना है कि यह आंदोलन समय की आवश्यकता है। जब बच्चे नशे को ‘स्टाइल’ समझते हैं और प्रदूषण को आदत, तो ऐसे में समाज को मिलकर जागरूकता फैलानी होगी। ज्योति बाबा का यह आंदोलन बच्चों और अभिभावकों दोनों के लिए एक संजीवनी का कार्य करेगा, ताकि आने वाली पीढ़ी स्वस्थ, संस्कारी और नशा मुक्त बन सके।






















