उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में लगातार हो रही बारिश ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के सद्दीकपुरा मोहल्ले में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब बारिश के कारण कमजोर हो चुकी एक पुराने मकान की छत अचानक गिर गई। इस हादसे में 52 वर्षीय अशफाक की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बारिश के बीच अचानक भरभराकर गिरी मकान की छत
जानकारी के मुताबिक, सद्दीकपुरा मोहल्ले में रहने वाले अशफाक अपने परिवार का पालन-पोषण फेरी लगाकर करते थे। गुरुवार सुबह वह अपने दो बेटों 18 वर्षीय नाजिम और 17 वर्षीय कासिम के साथ घर के एक कमरे में सो रहे थे। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के चलते मकान की छत कमजोर हो चुकी थी।
सुबह अचानक छत का एक बड़ा हिस्सा तेज आवाज के साथ नीचे गिर गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि कमरे में मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। छत गिरते ही घर में चीख-पुकार मच गई। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत बचाव कार्य शुरू किया।
स्थानीय लोगों ने मलबा हटाकर बचाई जान
घटना की जानकारी मिलते ही मोहल्ले के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जुट गए। लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मलबा हटाना शुरू किया। कुछ ही देर में पुलिस को भी हादसे की सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे पिता-पुत्रों को बाहर निकाला गया। इसके बाद सभी को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया।
डॉक्टरों ने अशफाक को मृत घोषित किया
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने अशफाक की जांच की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं उनके घायल बेटे का इलाज जारी है। हादसे में बेटे को गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
मृतक अशफाक के भाई चांद ने बताया कि लगातार बारिश के कारण मकान की छत काफी कमजोर हो गई थी। परिवार को अंदाजा नहीं था कि यह कमजोर छत इतनी बड़ी दुर्घटना का कारण बन जाएगी।
उन्होंने बताया कि अशफाक परिवार में कमाने वाले मुख्य सदस्य थे। उनके दो बेटे हैं, जबकि बेटी की शादी पहले ही हो चुकी है। परिवार के सामने अब आर्थिक और भावनात्मक दोनों तरह की मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।
पड़ोसियों ने बताया, कुछ समझने का मौका नहीं मिला
मोहल्ले के रहने वाले अब्दुल वाहिद ने बताया कि हादसा बेहद अचानक हुआ। छत गिरने के बाद कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। आसपास के लोगों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया।
उन्होंने बताया कि लोगों ने काफी मेहनत के बाद पिता-पुत्रों को बाहर निकाला, लेकिन अशफाक की हालत पहले ही काफी खराब हो चुकी थी। इस घटना से पूरे मोहल्ले में दुख का माहौल है।
पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे की पूरी जानकारी ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
प्रशासन की ओर से भी मामले की जांच की जा रही है कि मकान की स्थिति कितनी खराब थी और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में पुराने और कमजोर मकानों को लेकर पहले से सतर्कता बरतने की जरूरत है।























