UP News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के विकास और युवाओं, किसानों तथा श्रमिकों को सशक्त बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री आवास पर सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 27 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
युवाओं को मिलेगा अनूठा बूस्ट
प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा लाई गई नई स्टार्टअप नीति को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इस नीति के तहत अब कोई भी युवा स्टार्टअप शुरू करने के लिए सरकार से 20 लाख रुपये तक की पूंजीगत सहायता पा सकता है। हालांकि, अगर किसी स्टार्टअप की जरूरत अधिक हो और विशेष परिस्थितियां बनें, तो इस सीमा को बढ़ाकर 50 लाख रुपये तक किया जा सकता है।
अब तक इन कामों की जिम्मेदारी ‘यूपीएलसी’ देखती थी, लेकिन अब सिस्टम को और पारदर्शी बनाने के लिए ‘स्टार्टअप मिशन’ का गठन किया जा रहा है, जिसकी अपनी अलग गवर्निंग बॉडी होगी। इस बॉडी का नेतृत्व प्रदेश के मुख्य सचिव करेंगे। साथ ही, प्रदेश की पहली ‘डेटा पॉलिसी’ भी लाई गई है। इसका मुख्य उद्देश्य डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करना और डेटा लोकलाइजेशन पर जोर देना है।
मुख्यमंत्री पशु बीमा योजना: किसानों को बड़ी राहत
उत्तर प्रदेश के कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में पशुपालन की अहम भूमिका है। महामारी, अचानक बीमारी या दुर्घटना में पशुओं की मौत से किसानों को आर्थिक झटका लगता है। इसे देखते हुए कैबिनेट ने पशु बीमा योजना को मंजूरी दी है। इस योजना की खासियत यह है कि बीमा कंपनी को पशु की मृत्यु की तारीख से लेकर एक महीने के अंदर किसान को मुआवजा देना अनिवार्य होगा।
नस्ल और उपयोग के आधार पर पशुओं का बीमा मूल्य इस प्रकार तय किया गया है:
- मुर्रा नस्ल के भैंस:75,000 रुपये
- शाहीवाल नस्ल: 65,000 रुपये
- गंगातीरी नस्ल: 60,000 रुपये
- अन्य सामान्य नस्लें: 50,000 रुपये
- बैल: 40,000 रुपये
- बछड़ा: 20,000 रुपये
- खरगोश जैसे छोटे पशु: 6,500 रुपये
यह योजना केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त तत्वावधान में चलेगी, जिसमें केंद्र सरकार 51 प्रतिशत और राज्य सरकार 34 प्रतिशत का भार उठाएगी।
गोरखपुर, मुरादाबाद और वाराणसी में बड़े अस्पताल
श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तीन बड़े प्रस्ताव पास किए गए। गोरखपुर और मुरादाबाद में ईएसआई (ESI) के अंतर्गत 100-100 बेड के अत्याधुनिक अस्पताल बनाए जाएंगे। वहीं, वाराणसी में एक नया ईएसआई मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी।
इन तीनों संस्थानों के निर्माण के लिए भूमि का निशुल्क हस्तांतरण कर दिया गया है। सबसे खास बात यह है कि वाराणसी के इस नए मेडिकल कॉलेज में कुल सीटों में से 50 प्रतिशत सीटें ईएसआई कार्ड धारक श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रखी जाएंगी, ताकि उन्हें डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने में कोई बाधा न आए।
ओलंपिक और पैरा ओलंपिक पदक विजेताओं को सीधी भर्ती
प्रदेश से निकले खिलाड़ियों के हौसले बुलंद करने के लिए खेल विभाग ने एक राहत भरा कदम उठाया है। अब ओलंपिक और पैरा ओलंपिक गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को राज्य सरकार में सीधी भर्ती दी जाएगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परिधि से बाहर निकलकर विशेष व्यवस्था की गई है। इस फैसले से क्रीड़ा अधिकारी (9 पद), जिला युवा कल्याण अधिकारी (3 पद) और उप क्रीड़ा अधिकारी (23 पद) समेत समूह ‘ख’ और ‘ग’ के पदों पर बिना लंबी प्रक्रिया के इन हीरों को नौकरी दी जा सकेगी।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी प्रदान की गई है। यह यूपी के शिक्षा मैप पर एक बड़ा बदलाव दर्शाता है। वर्ष 2017 तक पूरे उत्तर प्रदेश में मात्र 27 विश्वविद्यालय हुआ करते थे, लेकिन योगी सरकार के कार्यकाल में शिक्षा के विस्तार को देखते हुए अब राज्य में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या 56 तक पहुंच गई है।























