UP News: यूपी की राजधानी लखनऊ में मोहर्रम के अवसर पर एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। इटौंजा कोतवाली क्षेत्र के महोना अंतर्गत वार्ड नंबर 9 के पकरिया मोहल्ले में शुक्रवार देर शाम एक मकान का छज्जा भरभराकर गिर गया। यह हादसा तब हुआ, जब मोहर्रम के जुलूस के दौरान भारी भीड़ छज्जे पर लटककर ‘सबील’ (प्रसाद/शरबत) लेने का प्रयास कर रही थी। इस भयावह हादसे में मलबे में दबकर दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि 8 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों में से चार की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
हादसे की पूरी जानकारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात मोहना के पकरिया मोहल्ले निवासी मुस्ताल अली और गुलजार अपने घर के छज्जे पर खड़े होकर सबील वितरित कर रहे थे। इस सबील में बालूशाही, बिस्कुट और कोल्ड ड्रिंक शामिल थे। शुरू में मोहल्ले के ही कुछ लोग वहां जुटे थे। बालूशाही और बिस्कुट के पैकेट नीचे दिए जा रहे थे।
तभी उधर से एक बड़ा मोहर्रम का जुलूस गुजरा। जुलूस में शामिल लोगों ने भी सबील लेने की कोशिश की। अचानक भीड़ अनियंत्रित हो गई। वितरित करने वालों की संख्या कम थी और सबील लेने वालों की भारी भीड़ लग गई। लोग एक-दूसरे को धक्का देते हुए आगे बढ़ने लगे और कुछ लोग तो बालूशाही और कोल्ड ड्रिंक लेने के लिए सीधे छज्जे पर लटक गए। छज्जा पहले से ही कमजोर था और एकाएक इतने अधिक लोगों के भार को वह सहन न कर सका। एक तेज आवाज के साथ छज्जा भरभराकर नीचे गिर गया।
चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल
छज्जा गिरते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। सबील वितरण कर रहे लोग और छज्जे पर लटके राहगीर सीधे मलबे में दब गए। चारों ओर चीख-पुकार सुनाई देने लगी। बिस्कुट और कोल्ड ड्रिंक की बोतलें बिखरकर मलबे में फंस गईं। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और अपने हाथों से मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने लगे।
पुलिस पहुंची और शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही इटौंजा पुलिस और पुलिस उपायुक्त (उत्तरी) गोपाल कृष्ण चौधरी मौके पर पहुंचे। पुलिस बल और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से चलाया गया। मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाला गया और आनन-फानन में उन्हें नजदीकी शौ-शय्या संयुक्त चिकित्सालय ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद कुछ गंभीर घायलों को ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।
दो मासूमों की गई जान, घायलों की हालत नाजुक
हादसे में 12 वर्षीय अरमान और 13 वर्षीय अली नाम के दो बच्चों की मलबे में दबकर दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, इस घटना में घायल हुए लोगों की पहचान मोहम्मद हमजा, रुशदा, जियाउल, मन्ना, सना, अजमल, मोहम्मद हसीब, जियांग और मुश्ताक के रूप में हुई है। ट्रामा सेंटर में भर्ती चार घायलों की हालत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है, जिन पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।
दो मासूम बच्चों के अचानक चल जाने से पूरे पकरिया मोहल्ले में मातम का माहौल है। मोहर्रम के जुलूस का रंग अचानक उत्सव से मातम में बदल गया। वहीं, लोगों में आयोजकों के खिलाफ भारी गुस्सा देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि अपने दिखावे के लिए आयोजकों ने जानलेवा लापरवाही की है, जिसकी सजा दो निर्दोष बच्चों को अपनी जान से चुकानी पड़ी।






















