Heatwave Precautions: उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर चुका है। मौसम विभाग (IMD) की लगातार चेतावनी के बीच यह समझना जरूरी है कि बढ़ती तपिश केवल पसीना नहीं निकालती, बल्कि यह सीधे तौर पर आपके स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकती है। इस मौसम में की गई थोड़ी सी भी लापरवाही आपको सीधे अस्पताल के आईसीयू में पहुंचा सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो गर्मी में हम अक्सर कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो बेहद खतरनाक होती हैं। आइए जानते हैं वो 3 बड़ी गलतियां और इनसे बचाव के उपाय:
गलती 1: दोपहर में सूरज की तेज धूप में निकलना
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दोपहर 12 बजे से शाम 3 बजे के बीच सूरज की किरणें सबसे तीखी और नुकसानदेह होती हैं। इस समय घर से बाहर निकलना सबसे जोखिम भरा माना जाता है।
समाधान: यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो हमेशा छाता, टोपी या सूती गमछे का प्रयोग करें। बिना सुरक्षा कवच के धूप में न निकलें।
गलती 2: गहरे और टाइट कपड़े पहनना
गर्मी में कपड़ों का चुनाव आपके शरीर के तापमान को तय करता है। काले और गहरे रंग के कपड़े ऊष्मा को सोखते हैं, जिससे शरीर का तापमान बढ़ता है। वहीं टाइट कपड़े पसीने को सूखने नहीं देते।
समाधान: हल्के रंग के (सफेद, पीला, हल्का नीला) और ढीले सूती कपड़े ही पहनें। घर के भीतर वेंटिलेशन का पूरा ध्यान रखें और दिन में कम से कम दो बार ठंडे पानी से स्नान करें।
गलती 3: प्यास लगने पर ही पानी पीना और भारी खाना खाना
गर्मियों में पाचन शक्ति (Digestive system) कमजोर हो जाती है। प्यास लगने तक पानी न पीने और तला-भुना, मसालेदार या भारी भोजन करने से डिहाइड्रेशन और पेट की बीमारियां तेजी से बढ़ सकती हैं।
समाधान: कोशिश करें कि प्यास न लगने पर भी घूंट-घूंट कर पानी पीते रहें।
आहार में क्या शामिल करें?
- ताजे फल जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी।
- सादे पानी के अलावा नींबू पानी, ताजी छाछ, नारियल पानी और ओआरएस (ORS) का घोल जरूर पिएं।
डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा
तेज धूप और लू शरीर में पानी के स्तर को तेजी से कम करती हैं, जिसे मेडिकल भाषा में ‘डिहाइड्रेशन’ कहा जाता है।
इसके शुरुआती लक्षण हैं: चक्कर आना, सिर भारी होना, सिरदर्द, मतली और अत्यधिक कमजोरी।
जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाती है, तो यह ‘हीट स्ट्रोक’ का रूप ले लेती है। हीट स्ट्रोक में शरीर अपना तापमान नियंत्रित करने की क्षमता पूरी तरह खो देता है और शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच सकता है। यदि समय पर उपचार न मिले तो यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकती है।
इमरजेंसी टिप्स: किसी को हीट स्ट्रोक आए तो क्या करें?
यदि आपके आसपास कोई व्यक्ति तेज धूप में बेहोश हो जाए, उसे तेज बुखार हो, या वह भ्रम (confusion) की स्थिति में हो, तो तुरंत ये कदम उठाएं:
- उसे तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर लिटाएं।
- उसके शरीर पर गीले कपड़े की पट्टियां रखें ताकि तापमान कम हो सके।
- उसे धीरे-धीरे ठंडा पानी पिलाने की कोशिश करें।
- बिना एक पल की देरी किए नजदीकी डॉक्टर या एम्बुलेंस (108) से संपर्क करें।





















