ऋषी तिवारी
दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट के नेतृत्व में मंगलवार को जंतर-मंतर पर भारी धरना-प्रदर्शन किया गया। परिवहन क्षेत्र से जुड़े बड़ी संख्या में लोगों ने इस विरोध प्रदर्शन में शिरकत की और वर्षों से लंबित मांगों को लेकर केंद्र व राज्य सरकारों के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।
‘मंत्रियों को सद्बुद्धि के लिए अब भगवान से प्रार्थना’
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संजय सम्राट ने सरकार पर आरोप लगाया कि उनकी मांगों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन का स्वरूप और तीखा होगा। ड्राइवर्स अपनी बाहों पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध करेंगे और यात्रियों को क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं से अवगत कराएंगे। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि संगठन ने अब ‘भगवान के दरबार’ में गुहार लगाने का फैसला किया है। संजय सम्राट ने स्पष्ट किया कि जब जनप्रतिनिधि उनकी बात नहीं सुन रहे, तो वे अयोध्या स्थित राम मंदिर और हनुमान मंदिर में अपने शिकायती पत्र सौंपेंगे ताकि ईश्वर मंत्रियों को सद्बुद्धि दे।
बाइक टैक्सी और ऐप कंपनियों पर जबरदस्त हमला
संगठन ने प्राइवेट नंबर प्लेट वाली बाइक टैक्सियों को यात्रियों की सुरक्षा और टैक्सी चालकों की आजीविका के लिए खतरा बताया। साथ ही, ऐप आधारित टैक्सी कंपनियों पर भी सवाल खड़े किए गए। आरोप लगाया गया कि पिछले दस वर्षों से किराया नहीं बढ़ाया गया, जबकि कमीशन दरें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे ड्राइवर्स बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
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तकनीकी अनिवार्यताएं या भ्रष्टाचार?
प्रदर्शनकारियों ने पैनिक बटन और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) को लेकर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि तकनीकी रूप से विफल इन सिस्टम को जबरन लागू कर 10 से 20 हजार रुपये की वसूली की जा रही है, जो भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला है। इसके अलावा बस बॉडी कोड AIS-153, स्पीड लिमिट डिवाइस और ई-वाहन नीति को भी ऑपरेटरों पर बोझ बताया गया।
टैक्स और चालान के नाम पर ‘बंदरबांट’
संगठन ने उत्तर प्रदेश की 15 साल की एकमुश्त टैक्स नीति, दिल्ली में एमसीडी टोल टैक्स की दोहरी वसूली और बोगस ई-चालान पर रोक लगाने की मांग की। HSRP प्लेट के नाम पर हो रही लूट की भी निंदा की गई।
देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
संजय सम्राट ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन राजनीतिक नहीं बल्कि अधिकारों के लिए है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही सरकार ने उनकी मांगों पर गौर नहीं किया, तो यह प्रदर्शन देशव्यापी आंदोलन का रूप ले लेगा।




















