ऋषी तिवारी
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के ग्राम छपवा में आयोजित किसान-मजदूर दो दिवसीय सम्मेलन में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई गई। सम्मेलन के दौरान किसानों और मजदूरों ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय को ज्ञापन सौंपा, साथ ही केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की बर्खास्तगी की मांग को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को खुला पत्र जारी किया।
मुख्य मांगें और ज्ञापन
पूर्व विधायक लालजी यादव द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का नेतृत्व किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने किया। ज्ञापन के माध्यम से किसानों-मजदूरों ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं। बीज विधेयक और बिजली विधेयक 2025 को रद्द करना। भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते को खारिज करना।मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) की बहाली।
राष्ट्रपति को खुला पत्र
सम्मेलन में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक खुला पत्र जारी किया गया। इस पत्र के माध्यम से केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल पर देश के किसानों और मजदूरों के साथ ‘द्रोह’ करने का आरोप लगाया गया है। प्रतिभागियों ने राष्ट्रपति से अपील की है कि उन्हें मंत्रिमंडल से तत्काल बर्खास्त किया जाए।
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भारी भीड़ और उपस्थित गणमान्य लोग
इस दो दिवसीय सम्मेलन में लगभग 1500 किसानों और मजदूरों ने भाग लिया। ज्ञापन एवं खुले पत्र का समर्थन करने वाले प्रमुख लोगों में विधायक सईदा खातून, पूर्व विधायक राजमणि पांडेय, जयशंकर पांडेय, अमर सिंह चौधरी समेत कई गणमान्य नागरिक शामिल थे। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य अनीता द्विवेदी, अमित निषाद, तिलकराम यादव, पूर्व चेयरमैन बांसी मोहम्मद इदरीश पटवारी, पूर्व ब्लाक प्रमुख खेसरहा तुपैल अहमद, कमालुद्दीन, पूर्व ब्लाक प्रमुख बांसी सुरेंद्र यादव, पूर्व प्रधान लतीफ, पूर्व प्रधान रमजान, रिंधु पासवान, अनीता यादव, मोनू दुबे, अब्दुल कलाम सिद्दीकी, अफसर रिजवी और दयाशंकर मिश्र ने हस्ताक्षर किए।
















