UP News: यूपी के कानपुर देहात जिले से अंधविश्वास और धर्म के नाम पर होने वाले अपराध का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक स्व-घोषित धर्मगुरु, जो लोगों के बीच ‘बोतल वाले बाबा’ के नाम से मशहूर था, पर एक महिला से विशेष पूजा के नाम पर रेप के प्रयास का आरोप लगा है। पीड़िता की बहादुरी और पुलिस प्रशासन के तत्परता भरे कार्रवाई के चलते आरोपी बाबा और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह मामला भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के देवराहट थाना अंतर्गत चैन-पुरवा गांव में स्थित ‘हरि धाम सरकार आश्रम’ का है। आरोपी बाबा की पकड़ स्थानीय लोगों में हड़कंप मचा दिया है और क्षेत्र में इस घटना की चर्चा जोरों पर है।
‘बोतल वाले बाबा’ का जाल और अंधविश्वास का शिकार
पुलिस अधीक्षक (एसपी) कानपुर देहात, श्रद्धा नरेंद्र पांडे के अनुसार, आरोपी की पहचान हरिओम यादव उर्फ ‘बोतल वाले बाबा’ के रूप में हुई है। हरिओम यादव ने गांव में एक बड़ा आश्रम बनाकर लोगों को भ्रमित करने का काम किया। वह खुद को अलौकिक शक्तियों का धारणकर्ता बताता था और दावा करता था कि उसके आध्यात्मिक अनुष्ठानों और ‘बोतल’ (जादू-टोना का हथकंडा) के जरिए किसी भी बीमारी को ठीक किया जा सकता है और व्यक्तिगत समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।
इसी दावे के चलते एक महिला भी उसके चक्कर में फंस गई। पीड़िता ने बताया कि छह जून को बाबा अपने कुछ सहयोगियों के साथ उसके घर पर धार्मिक अनुष्ठान करने पहुंचा था। वहां उसने महिला को डराया-धमकाया और कहा कि वह ‘अंधेरी शक्तियों’ (भूत-प्रेत) के प्रभाव में है और उसे तुरंत एक विशेष पूजा कराने की आवश्यकता है, नहीं तो उसका परिवार बर्बाद हो जाएगा। भय के माहौल में बाबा ने उस अनुष्ठान के नाम पर महिला से 40,000 रुपये भी वसूल लिए।
आश्रम में बनाई दरिंदगी की साजिश
पैसे लेने के बाद बाबा ने महिला को 15 जून को अकेले अपने आश्रम में बुलाया। पीड़िता ने भरोसा करते हुए अपने दो देवरों—रामवीर और सुखवीर के साथ आश्रम पहुंची। हालांकि, जैसे ही महिला आश्रम के अंदर गई, बाबा ने उसे अनुष्ठान के बहाने एकांत कमरे में ले जाने की कोशिश की।
पीड़िता के मुताबिक, कमरे में ले जाने के बाद हरिओम यादव ने अपना असली चेहरा दिखाया और उसके साथ यौन उत्पीड़न करने का प्रयास किया। जब महिला ने इसका विरोध किया और चीखने-चिल्लाने लगी, तो आरोपी बाबा ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी और उसका गला घोंटने की कोशिश की। इस दौरान आश्रम में मौजूद अन्य सहयोगी भी वहां जुट गए, लेकिन महिला ने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह उनके चंगुल से भागकर सीधे पुलिस चौकी पहुंची और अपनी जान बचाई।
पुलिस की तत्काल कार्रवाई और गिरफ्तारी
महिला की शिकायत मिलते ही पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया। एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू करने के निर्देश दिए। पुलिस ने आरोपी हरिओम यादव, उसके सहयोगी दीपक और कुंदन, और हैरानी की बात यह है कि महिला के अपने दो देवरों—रामवीर और सुखवीर—के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। कुल मिलाकर पुलिस ने अज्ञात लोगों समेत 10 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
क्षेत्राधिकारी (CO) भोगनीपुर, राजीव सिरोही के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापेमारी की। शुक्रवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी ‘बोतल वाले बाबा’ हरिओम यादव और उसके सक्रिय सहयोगी दीपक को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को शनिवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जज ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है।
एसपी श्रद्धा पांडे ने बताया कि पीड़िता की मेडिकल जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद आरोपों में और वृद्धि की जा सकती है। साथ ही, आश्रम से सबूत एकत्र किए जा रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।























