कॉकरोच जनता पार्टी चींटी जनता पार्टी
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संजय राउत ने कॉकरोच जनता पार्टी पर साधा निशाना

Cockroach Janta Party Protest:संजय राउत ने अपने बयान में युवाओं से अपील की कि वे आंदोलन में शामिल होकर लोकतंत्र की रक्षा करें। उनका कहना था कि यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की लड़ाई है।

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर संजय राउत का तंज, विपक्षी राजनीति में बढ़ी हलचल

HIGHLIGHTS

  • सीजेपी के प्रदर्शन पर जमकर साधा निशाना
  • संजय राउत ने दिया विवादित बयान
  • संजय ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन
  • प्रदर्शन पर कहा यह अच्छी बात है कि…
  • महाराष्ट्र राजनीति में बयानबाज़ी गरमाई

Cockroach Janta Party Protest:दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सदस्यों ने पेपर लीक मामले को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू किया है और इस प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों की तैनाती भी की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

बता दें कि यह प्रदर्शन मुख्य रूप से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके कर रहे हैं। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में युवा और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।

संजय राउत का बयान: “आंदोलन को दबाने की कोशिश हो रही है”

बता दें कि इस प्रदर्शन पर महाराष्ट्र से शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह एक सकारात्मक संकेत है कि युवा किसी मुद्दे पर संगठित होकर आंदोलन कर रहे हैं। उनके अनुसार, सरकार इस आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है और इसे मीडिया में कम दिखाने का दबाव भी बनाया जा रहा है।

बता दें कि संजय राउत ने कहा कि यदि जंतर-मंतर का यह आंदोलन सफल होता है, तो सरकार को इसकी गंभीरता समझनी पड़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक और पुलिस तंत्र का उपयोग इस आंदोलन को सीमित करने के लिए किया जा रहा है ताकि यह देशभर के युवाओं तक न पहुंच सके।

उन्होंने यह भी कहा कि हजारों युवा सड़क पर उतर सकते हैं और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर सकते हैं। उनके अनुसार, यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करते और मंत्री का इस्तीफा नहीं लिया जाता, तो “स्वच्छ प्रशासन” की बात करना उचित नहीं होगा।

इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी इस पूरे मामले की जिम्मेदारी में शामिल बताया और कहा कि इस स्थिति पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

लोकतंत्र और युवाओं की भागीदारी पर जोर

बता दें कि संजय राउत ने अपने बयान में युवाओं से अपील की कि वे आंदोलन में शामिल होकर लोकतंत्र की रक्षा करें। उनका कहना था कि यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि अगर जनता की आवाज को दबाया गया तो इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल खड़े होंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया पर दबाव बनाकर इस आंदोलन की खबरों को सीमित करने की कोशिश की जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक संकेत नहीं है।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, राजधानी में अलर्ट

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जंतर-मंतर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, प्रमुख रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस अड्डों और दिल्ली को पड़ोसी राज्यों से जोड़ने वाले सीमावर्ती प्रवेश बिंदुओं पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है।

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहायता के लिए लगभग 40 कंपनियों की अर्धसैनिक बल तैनात की गई हैं। विभिन्न जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों—जैसे संयुक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस उपायुक्त—को फील्ड ड्यूटी पर लगाया गया है ताकि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके।

अभिजीत दीपके के नेतृत्व में आंदोलन

इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य केवल शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है और इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।

इस आंदोलन ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बाद यह मुद्दा और अधिक चर्चा में आ गया है। जहां एक ओर प्रदर्शनकारी इसे छात्र हितों की लड़ाई बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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