करवा चौथ का पवित्र व्रत हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस वर्ष 29 अक्टूबर 2026, शुक्रवार के दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखेंगी। करवा चौथ पर सजधज कर पूजा करना, कथा सुनना और चंद्रमा को अर्घ्य देना तो चलता ही है, लेकिन इस दिन का एक और अहम हिस्सा है — भोग। मान्यता है कि व्रत की पूजा तभी संपूर्ण मानी जाती है, जब देवी-देवताओं को शुद्ध और प्रेम से बना भोग अर्पित किया जाए।
करवा चौथ के दिन घरों में कई तरह के व्यंजन बनाए जाते हैं, लेकिन सबसे विशेष और पारंपरिक भोग है — चावल के फरे। उत्तर भारत, खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार में इसे बड़ी श्रद्धा से बनाया जाता है। मान्यता है कि बिना फरे के करवा चौथ की पूजा अधूरी रहती है। आइए जानते हैं इस लाजवाब व्यंजन को घर पर आसानी से बनाने की विधि।

क्यों खास है करवा चौथ पर चावल के फरे?
चावल को हिंदू धर्म में शुद्धता और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। कहा जाता है कि देवी को चावल से बना भोग बेहद प्रिय होता है। चावल के आटे से बने फरे न सिर्फ हल्के और पचने में आसान होते हैं, बल्कि व्रत के दौरान ऊर्जा भी देते हैं। दाल की स्टफिंग से बने ये फरे स्वाद में इतने स्वादिष्ट होते हैं कि व्रत खोलने के बाद पूरा परिवार इन्हें बड़े चाव से खाता है।
चावल के फरे बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
आटे के लिए:
- चावल का आटा – 1 कप
- घी – 2 बड़े चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
स्टफिंग के लिए:
- चने की दाल – 50 ग्राम
- उड़द की दाल – 50 ग्राम
- हरी मिर्च – 2 (बारीक कटी हुई)
- अदरक – छोटा टुकड़ा (पेस्ट)
- लाल मिर्च पाउडर – आधा चम्मच
- हल्दी पाउडर – 1 चम्मच
- धनिया पाउडर – 1 छोटा चम्मच
- जीरा और सरसों – आधा-आधा चम्मच
- हरा धनिया – बारीक कटा हुआ
- तेल – 1 बड़ा चम्मच
चावल के फरे बनाने की संपूर्ण विधि (Step-by-Step)
स्टेप 1: चावल का आटा तैयार करें
एक गहरे बर्तन को गैस पर रखें और उसमें 1 कप पानी डालें। पानी में 2 बड़े चम्मच घी और नमक मिलाकर उबाल लें। पानी उबलते ही गैस बंद कर दें और चावल का आटा धीरे-धीरे मिला दें। बर्तन को ढककर 5 मिनट के लिए रख दें, ताकि पानी आटे में अच्छी तरह समा जाए।
स्टेप 2: आटा गूंधें
5 मिनट बाद हथेलियों पर हल्का घी लगाएं और आटे को अच्छी तरह मथकर मुलायम आटा तैयार करें। अगर आटा सूखा लगे, तो 2-3 चम्मच गुनगुना पानी डालकर गूंध लें। ध्यान रखें कि आटा न बहुत सख्त हो और न बहुत नरम।
स्टेप 3: स्टफिंग तैयार करें
चने की दाल और उड़द की दाल को 5 से 6 घंटे पहले पानी में भिगो दें। बाद में इन्हें मिक्सर में दरदरा पीस लें — बारीक पीसने से बचें, दरदरा पिसा मिश्रण ही फरे का असली स्वाद बढ़ाता है। अब एक कड़ाही में 1 बड़ा चम्मच तेल गरम करें, जीरा और सरसों चटकाएं। इसमें कटी हरी मिर्च और अदरक का पेस्ट डालकर पिसी दाल डाल दें। हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और नमक मिलाकर कुछ मिनट भून लें। अंत में हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें। स्वादिष्ट स्टफिंग तैयार है।
स्टेप 4: फरे का आकार दें
आटे से छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और हर लोई को छोटी पूरी की तरह बेल लें। बीच में एक-दो चम्मच स्टफिंग रखें और पूरी को आधे से मोड़कर किनारों को हल्के हाथ से दबा दें। याद रखें — फरे को गुझिये की तरह पूरी तरह सील नहीं करना है, सिर्फ किनारे जोड़कर दबाने भर हैं।
स्टेप 5: फरे को स्टीम करें
सभी फरों को स्टीमर या पानी के ऊपर रखे छलनी में लगाकर पूरी तरह पकने तक स्टीम करें। फरे पककर चमकने लगें, तो समझिए वे तैयार हैं। इन्हें भोग में अर्पित करें। भोग लगाने के बाद चाहें तो इन्हें घी या तेल में तलकर कढ़ी, सब्जी या सूखी चटनी के साथ परोस सकते हैं।
स्वाद दोगुना करने वाले खास टिप्स
- आटा गूंधते समय गरम पानी का इस्तेमाल करें, इससे फरे ज्यादा मुलायम बनते हैं।
- स्टफिंग में थोड़ा सौंफ पाउडर डालने से खुशबु बढ़ जाती है।
- फरों को बेलते समय आटे में परोंटा न लगाएं, वरना वे फट सकते हैं।
- स्टीम करते समय फरों के बीच पर्याप्त दूरी रखें, ताकि वे आपस में न चिपकें।


























