Delhi-NCR News: दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में आये दिन आग लगने की घटनाओं से जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है। बढ़ते गर्मी के मौसम और लापरवाहियों के कारण बिगड़ते हालातों को देखते हुए प्रशासन ने सक्रियता दिखाई है। फायर विभाग, पुलिस और सामाजिक संस्थाओं की संयुक्त टीमें अब जमीनी स्तर पर ‘जागरूकता अभियान’ चलाकर लोगों को सुरक्षित बनाने में जुट गई हैं।
अभियान के तहत सबसे ज्यादा फोकस उन इलाकों पर किया जा रहा है, जहां आग लगने की आशंका सबसे अधिक रहती है। इनमें आलीशान हाईराइज सोसाइटी (High-rise societies) और घनी आबादी वाले झुग्गी-झोपड़ी क्लस्टर प्रमुख हैं।
कौशांबी (भोपुरा) में चलाया गया विशेष अभियान
इसी क्रम में सोमवार को एनसीआर के कौशांबी स्थित भोपुरा इलाके में एक बड़ा जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमों ने स्थानीय लोगों को आग लगने के कारणों, उससे होने वाले नुकसान और त्वरित बचाव के तरीकों की विस्तार से जानकारी दी।
वैशाली क्षेत्र के फायर सेफ्टी ऑफिसर मूलचंद ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ-साथ आग लगने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है। विभाग की ओर से रोजाना अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों को प्रशिक्षित किया जा रहा है और खासकर फायर एक्सटिंग्विशर के सही इस्तेमाल की जानकारी दी जा रही है।
पिन निकालो और बटन दबाओ”- लोगों ने सीखे बचाव के गुर
अभियान का असल फायदा तब नजर आया, जब स्थानीय निवासियों ने इसे प्रैक्टिकल रूप से अपनाया। स्थानीय निवासी अंजू देवी ने बताया कि हमें यहां फायर एक्सटिंग्विशर चलाने का बिल्कुल सही तरीका सिखाया गया। पहले पिन निकालनी होती है, फिर पाइप को आग की दिशा में रखते हुए बटन दबाना होता है, जिससे निकलने वाली गैस तुरंत आग को बुझा देती है। वहीं, दूसरी निवासी संगीता देवी ने कहा हमें छोटी-छोटी सावधानियां बरतने के लिए कहा गया है, जैसे खुले में आग या कूड़ा न जलाना और खाना बनाने के बाद गैस सिलेंडर का रेगुलेटर बंद करना।
जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार: प्रशासन
प्रशासन का मानना है कि अगर लोग इन बुनियादी सावधानियों का पालन करें, तो आग लगने जैसी बड़ी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। फिलहाल ‘जागरूकता’ ही जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने का सबसे बड़ा हथियार है।
आपके लिए क्या हैं जरूरी सुरक्षा नियम?
फायर विभाग ने हाईराइज सोसाइटी और झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों के लोगों के लिए कुछ खास गाइडलाइन जारी की हैं:
हाईराइज सोसाइटी में बरतें ये सावधानियां:
- बच्चों को भी बेसिक फायर सेफ्टी की जानकारी जरूर दें।
- गैस सिलेंडर और किचन एरिया को हमेशा साफ और सुरक्षित रखें।
- सोसाइटी में होने वाले फायर ड्रिल में नियमित रूप से हिस्सा लें।
- ओवरलोडिंग से बचें, एक ही प्लग में कई उपकरण कभी न लगाएं।
- फ्लैट में फायर एक्सटिंग्विशर और स्मोक अलार्म लगाकर रखें।
- सबसे जरूरी: इमरजेंसी एग्जिट (सीढ़ियां) को कभी भी सामान रखकर ब्लॉक न करें।
- आग लगने पर लिफ्ट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें, सिर्फ सीढ़ियों का उपयोग करें।
- बालकनी में कपड़ा, कागज जैसे ज्वलनशील सामान इकट्ठा न करें।
झुग्गी-झोपड़ी/घनी बस्तियों में बरतें ये सावधानियां:
- सिलेंडर को हमेशा सीधा और हवादार जगह पर रखें।
- सोने से पहले दीया, मोमबत्ती या चूल्हा पूरी तरह बुझा दें।
- खाना बनाने के बाद गैस सिलेंडर का रेगुलेटर जरूर बंद करें।
- चूल्हे या स्टोव को कपड़े या प्लास्टिक जैसी ज्वलनशील चीजों से दूर रखें।
- बिजली के खुले या उलझे हुए तारों को न छोड़ें, खराब तारों को तुरंत बदलवाएं।
- शुरुआती आग को बुझाने के लिए अपने पास पानी या रेत का इंतजाम रखें।
आपातकालीन संपर्क
फायर विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत फायर ब्रिगेड के नंबर 101 पर कॉल करें और सही तरीके से बचाव का प्रयास करें।
























