Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान ने राज्य की सियासत को एक बार फिर गर्मा दिया है। नादिया, पनिहाटी, हावड़ा और 24 परगना समेत कई जिलों में मतदान के दौरान भारी हिंसा और तोड़फोड़ देखने को मिली। भाजपा, टीएमसी और आईएसएफ (ISF) कार्यकर्ताओं के बीच जमकर झड़पें हुईं। वहीं, EVM खराब होने और ‘डमी EVM’ लगाने के आरोपों ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया। हालांकि, इस सबके बीच जनता का उत्साह कम नहीं हुआ और चुनाव आयोग के अनुसार दोपहर तक 142 सीटों पर 61 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया।
EVM खराबी और ‘डमी मशीन’ के आरोपों ने बढ़ाया तनाव
मतदान केंद्रों पर EVM की खराबी एक बड़ा मुद्दा बनकर सामने आई। उत्तर 24 परगना के बारानगर में बूथ नंबर 72 पर EVM खराब होने के कारण मतदान रोकना पड़ा। मतदाताओं का आरोप है कि एक ही बूथ पर पांच बार EVM बदली जा चुकी है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। सुबह 7 बजे से लाइन में खड़े नाराज मतदाताओं ने बिना वोट डाले ही घर लौटने का फैसला किया।
वहीं, हावड़ा के बाली स्थित डॉन बॉस्को स्कूल के मतदान केंद्र पर EVM खराब होने से मतदाता आक्रोशित हो गए। हंगामा बढ़ता देख केंद्रीय सुरक्षा बलों को मोर्चा संभालना पड़ा। पुलिस ने दो उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है।
भाजपा नेताओं ने EVM से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा प्रत्याशी और पूर्व सांसद अर्जुन सिंह ने नोआपाड़ा के बूथ नंबर 82-83 पर ‘डमी EVM’ लगाकर मतदाताओं को खास बटन दबाने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। दक्षिण 24 परगना के फलता से बीजेपी प्रत्याशी देवांशु पांडा ने भी आरोप लगाया कि कई जगहों पर बीजेपी के चिह्न वाला बटन जाम कर दिया गया था।
नादिया में भाजपा एजेंट पर जानलेवा हमला
नादिया जिले के चापड़ा क्षेत्र में हिंसा ने भयंकर रूप ले लिया। यहां भाजपा के पोलिंग एजेंट मोशर्रफ मिर पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किया गया। गंभीर चोटें आने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनके सिर पर छह टांके लगाने पड़े हैं।
पनिहाटी में RG Kar पीड़िता की मां को घेरा
पनिहाटी में एक संवेदनशील और निंदनीय घटना सामने आई। यहां टीएमसी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर आरजी कर रेप-मर्डर पीड़िता की मां और बीजेपी प्रत्याशी रत्ना देबनाथ को घेर लिया। भाजपा प्रत्याशी के पति सेखररंजन देबनाथ का आरोप है कि मोटरसाइकिल से आए टीएमसी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और हमले की कोशिश की। हालांकि, उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने टीएमसी गुंडों को नहीं, बल्कि उन्हें ही वहां से जाने को कहा।
भवानीपुर में ‘जय श्रीराम’ बनाम ‘जय बांग्ला’
वीआईपी सीट माने जाने वाली भवानीपुर में भी हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी जब एक पोलिंग बूथ का निरीक्षण करके बाहर निकले और ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए, तो वहां मौजूद भीड़ ने तुरंत ‘जय बांग्ला’ के नारे लगाकर विरोध जताया। मिनटों में ही माहौल तनावपूर्ण हो गया और सुरक्षाबलों को भीड़ को खदेड़ना पड़ा। प्रशासन ने लोगों से सड़कों पर भीड़ न जमाने की अपील की है।
हिंसा के बीच लोकतंत्र का उत्सव
बंगाल में चल रही हिंसक झड़पों और तकनीकी खामियों के बावजूद मतदान का प्रतिशत काफी अच्छा रहा। दोपहर 1 बजे तक 142 सीटों पर 61% से ज्यादा वोट पड़ चुके हैं, जो जनता के लोकतंत्र में विश्वास को दर्शाता है। अब सभी की नजरें शाम को मतदान समाप्त होने के बाद आने वाले अंतिम आंकड़ों और नतीजों पर टिकी हुई हैं।

























